दिल्ली जा रही कालिंदी एक्सप्रेस से शनिवार रात 16 गाय कट गईं। रविवार सुबह ग्रामीण शौच के लिए गए तो घटना का पता चला। गुस्साए ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुबह 8:45 बजे शिकोहाबाद से फर्रुखाबाद की ओर जा रही डाउन पैसेंजर ट्रेन को रोक लिया।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष घिरोर, एसडीएम और सीओ शिकोहाबाद ने लोगों को समझा बुझाकर ट्रैक हटवाया। लगभग दो घंटे बाद ट्रेन रवाना हो पाई। ग्रामीणों में इस बात लेकर गुस्सा था कि हादसे के बाद ट्रेन चालक ने ट्रेन नहीं रोकी और न ही इस घटना की सूचना अगले स्टेशन पर दी।
हादसा शनिवार की रात रात लगभग 11:15 बजे फर्रुखाबाद से दिल्ली जा रही कालिंदी एक्सप्रेस से हुआ। कोसमा स्टेशन से लगभग ढाई किमी दूर ग्राम कारूखेड़ा के समीप रेल की पटरी पर चल रही गायें ट्रेन की चपेट में आ गई। सुबह ग्रामीणों ने पटरी के किनारे और ट्रैक पर मृत गायों को पड़े देखा। वहीं चार गाय तड़प रही थीं।
जानकारी होते ही घिरोर, शिकोहाबाद, सिरसागंज, ककरावली से हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर धर्मवीर राही, आरएसएस के प्रचारक नीरज और अन्य कार्यकर्ताओं ने तड़फ रही गायों का निजी चिकित्सक बुलाकर इलाज कराया लेकिन कुछ ही देर में वे भी मर गई।
बाद में ग्रामीणों ने केसरिया कपड़ा, फूल, नमक आदि डालकर गायों को दफना दिया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष घिरोर ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों की दी। थानाध्यक्ष जीआरपी मैनपुरी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल फीरोजाबाद का बताया। इस पर एसडीएम शिकोहाबाद (फीरोजाबाद) रवींद्र सिंह, सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत, आरपीएफ चौकी इंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए।