जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी पर हंगामे के बीच वाम दलों ने गिरफ्तारी का विरोध किया है और इसे 'इमरजेंसी जैसे हालात' बताए हैं।
वाम दलों ने कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को एबीवीपी के इशारे पर समूचे वाम को निशाना नहीं बनाना चाहिए।
जबकि माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर गिरफ्तारी की इमरजेंसी जैसे हालात से तुलना की।सीपीआई के नेशनल सेक्रेटरी डी राजा ने कहा, "हम भारत विरोधी किसी भी नारे की निंदा करते हैं।अगर ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करना है तो कानून के अनुसार किया जाना चाहिए।"
कुमार विश्वास ने गिरफ्तारी को ठहराया सही
उन्होंने कहा कि, "लेकिन पुलिस समूचे वाम को निशाना बना रही है।" समाचार
एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दिल्ली कोर्ट ने कन्हैया कुमार को तीन दिन के लिए
न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने
गिरफ्तारी को सही ठहराया है। विश्वास ने ट्वीट कर कहा है कि केंद्र को
'राष्ट्र विरोधियों' के खिलाफ 'कडी' कार्रवाई कर एक उदाहरण पेश करना चाहिए।
उन्होंने एक के बाद एक किए गए अपने ट्वीट में कहा है, "जेएनयू में जिन
लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाए या इसका समर्थन किया उन्हें सजा देकर एक
उदाहरण पेश करने का यही सही समय है।"
राजनाथ ने कहा बख्शा नहीं जाएगा
इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने
कहा, "अगर कोई भारत में रहते हुए देश की एकता और अखंडता पर सवाल खडा करने
की कोशिश करता है तो उसे नहीं बख्शा जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कडी से कडी
कार्रवाई की जाएगी।"
बीते मंगलवार को अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर जेएनयू
कैंपस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
हालांकि जेएनयू छात्र संघ ने
गुरुवार को एक बयान जारी कर कार्यक्रम में नारे लगाने की खबर को खुद से अलग
करते हुए कहा है कि यह हंगामा जेएनयू के छात्रों और यहां के लोकतांत्रिक
परम्पराओं को धूमिल करने के लिए किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के
बीजेपी सांसद महेश गिरी की शिकायत पर मंगलवार को देशद्रोह का मामला दर्ज
किया था।