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चेन्नई धमाके के पीछे सिमी का हाथ!

Mon, 05 May 2014 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर बंगलुरु-गुवाहाटी एक्सप्रेस में हुए दोहरे धमाके में सिमी का हाथ होने के सुराग मिल रहे हैं। मामले की जांच कर रही तमिलनाडु सीबी-सीआईडी की टीम ने इसकी आशंका जताई है।
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जांच टीम का मानना है कि यह धमाका सिमी और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा हो सकता है। वहीं अब तक की जांच जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक धमाके में जो बम इस्तेमाल हुआ वह काफी शक्तिशाली था।

इसके बावजूद राज्य की जयललिता सरकार इसे आतंकवादी कार्रवाई मानने से इंकार कर रही है।

पटना ब्लास्ट से जुड़ रहे तार

सीबी-सीआईडी टीम के आईजी महेश कुमार अग्रवाल ने कहा, "दोहरे धमाके में इस्तेमाल किए गए बम पटना में नरेंद्र मोदी की रैली में फटे बम की किस्म से मिलते-जुलते हैं।" उधर, पटना धमाके की तहकीकात में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी सिमी पर ही उंगली उठाई है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "तमिलनाडु पुलिस ने इस धमाके की एफआईआर विस्फोटक कानून (एक्सप्लोसिव एक्ट) के तहत दर्ज की है। जिससे पूरे तहकीकात में केंद्र की दखलअंदाजी नहीं हो सके।" अधिकारी के मुताबिक, "आतंकवादी वारदात होने की वजह से यह एफआईआर गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज की जानी चाहिए थी।"
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सामने आया सिमी कार्यकर्ता हैदर अली का नाम

एनआईए एक्ट के मुताबिक अगर मामला यूएपीए के तहत दर्ज किया जाता तो राज्य सरकार को इसकी सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय को देनी होती। उस स्थिति में गृह मंत्रालय तय करता कि जांच एनआईए से कराई जाए या इसकी जिम्मेदारी राज्य पुलिस के जिम्मे ही रहने दिया जाए।

उधर, सिमी के हाथ होने के सुराग मिलने के बाद तमिलनाडु पुलिस ने हैदर अली नाम के पुराने सिमी कार्यकर्ता की तलाश में जुट गई है।

इसके साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। हालांकि इससे अब तक उसे कोई खास सुराग नहीं मिला है। हैदर अली के नाम का खुलासा सबसे पहले आईएम आतंकी यासीन भटकल ने पूछताछ के दौरान किया था। पटना धमाके में भी हैदर का नाम सामने आया है।
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