सिद्धारमैया को आज कर्नाटक विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। वरिष्ठ नेता आर वी देशपांडे ने विधायक दल के फैसले का ऐलान किया।
कांग्रेस आलाकमान की तरफ से भेजे गए दो पर्यवक्षकों एके एंटनी और अंबिका सोनी की मौजूदगी में विधायकों ने सिद्धारमैया को अपना नेता चुन लिया।
करीब सत्तर कांग्रेस विधायकों ने सिद्धारमैया के नाम का समर्थन किया।
65 साल के सिद्धारमैया अब तक विपक्ष के नेता थे।
केंद्रीय श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे लेकिन विधायकों ने सिद्धारमैया को अपना नेता चुना।
हालांकि छह-सात साल पहले ही जनता दल सेक्यूलर से कांग्रेस में आए सिद्धारमैया को पार्टी का एक बड़ा खेमा बाहरी मानता आया है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 121 सीटें जीतकर कांग्रेस ने 14 साल बाद सत्ता में वापसी की है।
सिद्धारमैय्या के 13 मई को शपथ लेने की संभावना
कर्नाटक कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैय्या को राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने शुक्रवार को राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया है।
राज्यपाल से राजभवन में मुलाकात के बाद सिद्धारमैय्या ने संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त करने संबंधी पत्र दिया है। शपथ ग्रहण समारोह संभवत: 13 मई को हो सकता है।