राजनीति से फिर वकालत के पेशे में लौटे कांग्रेस नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सबको पीछे छोड़ दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में ज्यादातर हाई प्रोफाइल मुकदमे सिब्बल के खाते में है।
जबकि यूपीए सरकार में चमकते चेहरे रहे कांग्रेस के बाकी वकील नेता सिब्बल से पिछड़ गए हैं। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम, सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी और अश्विनी कुमार के पास ज्यादा हाईप्रोफाइल केस नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी भी सिब्बल से मुकाबला नहीं कर पा रहे। मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादातर मामलों को भी सिब्बल संभाल रहे हैं। साथ ही कई मामलों में कई बड़े वकीलों के होने के बावजूद वह खुद नेतृत्व कर रहे हैं।
सारे नेताओं से है आगे
राजनीति से फिर वकालत के पेशे में लौटे कांग्रेस नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सबको पीछे छोड़ दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में ज्यादातर हाई प्रोफाइल मुकदमे सिब्बल के खाते में है।
जबकि यूपीए सरकार में चमकते चेहरे रहे कांग्रेस के बाकी वकील नेता सिब्बल से पिछड़ गए हैं। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम, सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी और अश्विनी कुमार के पास ज्यादा हाईप्रोफाइल केस नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी भी सिब्बल से मुकाबला नहीं कर पा रहे। मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादातर मामलों को भी सिब्बल संभाल रहे हैं। साथ ही कई मामलों में कई बड़े वकीलों के होने के बावजूद वह खुद नेतृत्व कर रहे हैं।
हाईप्रोफाइल मामले हैं सिब्बल के पास
तो कुछ मामलों में बड़े वकील कांग्रेस नेता सिब्बल के सहायक के तौर पर काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में अभी व्यापमं, सहारा, आईपीएल मैच फिक्सिंग, आदर्श
घोटाला, कोयला घोटाले, बाबरी मस्जिद विवाद, शारदा घोटाले और तीस्ता
सितलवाड़ जैसे हाई प्रोफाइल मामले चर्चा में हैं।
इन सभी मामलों में सिब्बल
किसी न किसी पक्ष से बतौर वकील मुकदमे को देख रहे हैं। कोयला घोटाले में
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिल्ली की सीबीआई विशेष अदालत के सम्मन
किए जाने पर जब कांग्रेस के बड़े वकील नेताओं की फौज ने सुप्रीम कोर्ट में
इसे चुनौती दी थी।
तो इन सब वकील नेताओं को सिब्बल ने ही नेतृत्व दिया था।
आदर्श घोटाले मामले में सिब्बल महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक
चव्हाण के वकील हैं।
हाईप्रोफाइल मामले हैं सिब्बल के पास
तो कुछ मामलों में बड़े वकील कांग्रेस नेता सिब्बल के सहायक के तौर पर काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में अभी व्यापमं, सहारा, आईपीएल मैच फिक्सिंग, आदर्श
घोटाला, कोयला घोटाले, बाबरी मस्जिद विवाद, शारदा घोटाले और तीस्ता
सितलवाड़ जैसे हाई प्रोफाइल मामले चर्चा में हैं।
इन सभी मामलों में सिब्बल
किसी न किसी पक्ष से बतौर वकील मुकदमे को देख रहे हैं। कोयला घोटाले में
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिल्ली की सीबीआई विशेष अदालत के सम्मन
किए जाने पर जब कांग्रेस के बड़े वकील नेताओं की फौज ने सुप्रीम कोर्ट में
इसे चुनौती दी थी।
तो इन सब वकील नेताओं को सिब्बल ने ही नेतृत्व दिया था।
आदर्श घोटाले मामले में सिब्बल महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक
चव्हाण के वकील हैं।
लेकिन मचा हुआ है बवाल
इसमें सलमान खुर्शीद सिब्बल के सहायक के तौर पर काम कर
रहे हैं। शारदा घोटाले में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के वकील के तौर पर
सिब्बल काम कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस में जबरदस्त बवाल भी मचा हुआ है।
विवादास्पद बाबरी मस्जिद विवाद में वह हाजी महमूद अहमद के पक्ष से खड़े
हुए है। टेक महिंद्रा का मामला भी वह देख रहे है। सिब्बल के मुकदमे लड़ने
की फीस को लेकर हालांकि कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन ऊंची फीस
लेने वाले वकीलों में उनकी गिनती होती है।
बड़े कॉरपोरेट हाऊस और बड़ी
हस्तियों की पहली पसंद सिब्बल होते हैं। कांग्रेस की कानूनी और मानवाधिकार
प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के सी मित्तल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में कई बड़े
वकील है।
लेकिन मचा हुआ है बवाल
इसमें सलमान खुर्शीद सिब्बल के सहायक के तौर पर काम कर
रहे हैं। शारदा घोटाले में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के वकील के तौर पर
सिब्बल काम कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस में जबरदस्त बवाल भी मचा हुआ है।
विवादास्पद बाबरी मस्जिद विवाद में वह हाजी महमूद अहमद के पक्ष से खड़े
हुए है। टेक महिंद्रा का मामला भी वह देख रहे है। सिब्बल के मुकदमे लड़ने
की फीस को लेकर हालांकि कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन ऊंची फीस
लेने वाले वकीलों में उनकी गिनती होती है।
बड़े कॉरपोरेट हाऊस और बड़ी
हस्तियों की पहली पसंद सिब्बल होते हैं। कांग्रेस की कानूनी और मानवाधिकार
प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के सी मित्तल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में कई बड़े
वकील है।
दिल्ली के वीआईपी इलाके में रहते हैं
लेकिन जहां तक सिब्बल की काबिलियत का सवाल उनको लेकर कोई दो राय
नहीं है। वह बेहद काबिल और बेहतर वक्ता है। यूपीए सरकार के जाने के बाद जब
वह मंत्री पद से हटे।
उन्होंने अपना सरकारी बंगला खाली किया था तो उसके
बाद उनके जोरबाग के बंगले के लिए 16 लाख महीने या 1.92 करोड़ सालाना पर
किराया लेना चर्चा का विषय रहा। वह दिल्ली के वीआईपी इलाके जोरबाग में 1250
वर्ग मीटर प्लॉट की किराए की कोठी में रहते है।
दिल्ली के वीआईपी इलाके में रहते हैं
लेकिन जहां तक सिब्बल की काबिलियत का सवाल उनको लेकर कोई दो राय
नहीं है। वह बेहद काबिल और बेहतर वक्ता है। यूपीए सरकार के जाने के बाद जब
वह मंत्री पद से हटे।
उन्होंने अपना सरकारी बंगला खाली किया था तो उसके
बाद उनके जोरबाग के बंगले के लिए 16 लाख महीने या 1.92 करोड़ सालाना पर
किराया लेना चर्चा का विषय रहा। वह दिल्ली के वीआईपी इलाके जोरबाग में 1250
वर्ग मीटर प्लॉट की किराए की कोठी में रहते है।