कुछ लोगों के लिए चुनाव लड़ना जीवन और मृत्यु का सवाल बन जाता है, लेकिन बरहमपुर के श्याम बाबू सुबुद्धि के लिए यह एक शौक है।
अपने इस शौक को पूरा करने के लिए वह अब तक लोकसभा और विधानसभा में कुल 27 बार अपनी किस्मत आजमा चुके हैं, हालांकि उन्हें जीत एक बार भी नसीब नहीं हुई।
78 वर्षीय स्वतंत्र उम्मीदवार एक बार फिर बरहमपुर और अस्का लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने को तैयार है और उन्होंने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं 15 मार्च को बरहमपुर से अपना नामांकन पत्र भर दूंगा और इसके अगले दिन अस्का से नामांकन पत्र भर दिया जाएगा।’
सुबुद्धि ने देश में सबसे ज्यादा बार चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाने की ठानी है। उनका कहना है, ‘जब भी मैं चुनाव लड़ता हूं, तो मुझे जीत की उम्मीद होती है।
इस बार मेरे पास अच्छा मौका है क्योंकि लोग अन्य उम्मीदवारों से परेशान हो गए हैं।’ होम्योपैथिक डॉक्टर की सभी 17 लोकसभा और 10 विधानसभा चुनावों में जमानत भी जब्त हो चुकी है।
सुबुद्धि सबसे पहले 1957 में हिंजली विधानसभा से पूर्व मंत्री व स्टार नेता वृंदावन नायक के खिलाफ चुनाव लड़े थे।
इसके बाद से लेकर अब तक वह पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव, पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक और जेबी पटनायक के खिलाफ अलग-अलग चुनावों में खड़े हो चुके हैं।
वह प्रचार के लिए किसी कार या कटआउट का प्रयोग नहीं करते। वह साइकिल या फिर ट्रेन व बस से यात्रा कर के प्रचार करते हैं।