शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जारी विवाद को सुलझाने के लिए आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने रविवार को मंदिर ट्रस्ट और भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड के सामने अपना प्रस्ताव रखा। पुणे में हुई बैठक में प्रस्तुत प्रस्ताव में कहा गया कि सिर्फ पुजारी ही शनि देव के चबूतरे पर चढ़कर पूजा करेंगे।
महिलाओं और पुरुषों, दोनों को ही चबूतरे तक जाने की अनुमति नहीं होगी। बैठक के बाद श्री श्री ने मामला सुलझाने का दावा किया, लेकिन भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने इस बैठक को बेनतीजा करार दिया। रविवार को बैठक के बाद श्री श्री रविशंकर ने दावा किया कि शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट और भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड में सहमति बन गई है।
उन्होंने कहा कि अब सिर्फ पुजारी ही चबूतरे पर चढ़कर पूजा कर सकेंगे। पुुरुषों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगेगी। सभी लोग मंदिर के बाहर से दर्शन करेंगे। श्री श्री ने बताया कि शनि देव की शिला पर तिलाभिषेक भी मशीन के जरिये होगा। आध्यात्मिक गुरु ने दोनों पक्षों में सुलह कराने के लिए मंदिर ट्रस्ट के सामने दो प्रस्ताव रखे थे।