भारत को म्यांमार और चीन से जोड़ने वाली ऐतिहासिक स्टीलवेल रोड को फिर से खोलने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। इस बार अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर जनरल (रिटायर्ड) जेजे सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक विकास के लिए इस सड़क को खोलने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के खुल जाने से अरुणाचल प्रदेश म्यांमार और पश्चिमी चीनी मार्केट के लिए उत्पादन केंद्र बन जाएगा, जिससे क्षेत्र आर्थिक तौर पर विकसित होगा।
सिंह ने कहा, ‘चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भूमिगत कनेक्टिविटी न होने के चलते पूर्वोत्तर क्षेत्र में लुक ईस्ट पॉलिसी का कोई लाभ नहीं हो पा रहा है।’ स्टीलवेल को पहले लीडो रोड के नाम से पहचाना जाता था। 1942 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस सड़क को असम के लीडो से चीन के कुनमिंग तक तैयार किया गया था। 1945 में अमेरिकी सेना के जनरल जोसेफ स्टीलवेल के नाम पर इस सड़क का नाम स्टीलवेल रोड रखा गया।