लोकसभा चुनाव के बाद गुजरातियों के महाराष्ट्र प्रेम पर सवाल उठाने वाली शिवसेना ने एक बार फिर गुजरातियों को निशाना बनाया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने उस समय भी गुजरातियों को कटघरे में खड़ा किया था और इस बार भी उन्होंने ही निशाना बनाया।
उन्होंने कहा है कि गुजराती दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के उपकार को भूल गए हैं। गुजरातियों ने नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट दिया जिससे शिवसेना नेता सुभाष देसाई सहित अन्य उम्मीदवारों की पराजय हुई।
संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार-जीत और महागठबंधन में टूट जैसी घटनाओं का राजनीतिक विश्लेषण किया है।
उन्होंने लिखा है कि हिंदुत्व के मुद्दे पर बाल ठाकरे ने गुजरातियों पर बड़ा उपकार किया है लेकिन महाराष्ट्र में रहकर भी गुजरातियों ने जाति व प्रांत के लिए शिवसेना के विरोध में मतदान किया।
राउत ने कहा है कि यदि भाजपा-शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ते तो आसानी से 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल होती लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बावजूद इसके महाराष्ट्र की जनता ने दोनो पार्टियों को मिलकर सरकार बनाने का जनादेश दिया है।
राउत के मुताबिक एमआईएम के कारण महाराष्ट्र में भाजपा को ज्यादा सीटें मिलीं। इस चुनाव में ओवैसी की हैदराबाद आधारित पार्टी एमआईएम का उदय हुआ तो राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अस्ताचल की ओर चल पड़ी। राउत ने कहा कि यदि विदर्भ से महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनता है तो विदर्भ का विकास होगा।