देश में मुसलमानों की आबादी बढ़ने का आंकड़ा जारी होने के बाद कट्टर हिंदूवादी पार्टी शिवसेना ने सौ करोड़ हिंदू होने की हुंकार भरी है।
शिवसेना ने कहा है कि देश में मुस्लिम का आक्रमण चिंता का विषय है लेकिन हिंदू और उनके सहप्रवाही धर्म-बंधु भी उनकी तुलना में सौ करोड़ से अधिक हैं।
सौ करोड़ का महासागर शांत है और 17 करोड़ का प्रवाह उथला और खल-खल करने वाला है शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र में सौ करोड़ हिंदू शीर्षक के तहत लिखे संपादकीय में कहा है कि मुस्लिमों की तुलना में हिंदुओं की जनसंख्या घटी है लेकिन इस आंकड़ेबाजी पर निष्क्रिय हिंदुवादियों को बेवजह छाती पीटकर आक्रोश जताने की जरूररत नहीं है।
50 साल में हो जाएगा इस्लामीकरण!
जनसंख्या के हिसाब से देश आज भी हिंदूराष्ट्र है और इस हिंदू राष्ट्र में
धर्मनिरपेक्षता का जहर समाया हुआ है। हिंदू समाज जाति पाति में भी बंटा हुआ
है।
इसलिए कुछ लोग धर्म आधारित आंकड़े की तरह ही जाति आधारित आंकड़े भी
सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं जो देश की एकता के लिए घातक है।
शिवसेना
ने कहा है कि जिस तरह से इस देश में धर्मनिरपेक्षता की धांधली शुरु है
उससे आगामी 50 साल में हिंदुस्तान का इस्लामीकरण हो जाए तो कोई आश्चर्य
नहीं होना चाहिए।
बड़ा वर्ग है राष्ट्रनिष्ठ
इसे रोकने के लिए सिर्फ घर वापसी और धर्मांतरण ही उपाय
नहीं है बल्कि 96 करोड़ हिंदुओं को संगठित होकर मुकाबला करना चाहिए।
मुसलमान चार बीबियां रख सकते हैं और 25 बच्चे पैदा कर सकते हैं। अगर यह
कानूनन रोकना है तो सौ करोड़ हिंदुओं को सरकार पर दबाव बनाना पड़ेगा।
देश की
आजादी के समय मुसलमान 4 करोड़ थे आज 17 करोड़ हो गए हैं और उसमें
स्थित धर्मांध शक्तियां देश के सामने संकट पैदा कर रही है। ऐसे लोग नारा दे
रहे हैं कि लड़ के लिए पाकिस्तान हंस के लेंगे हिंदुस्तान।
मुस्लिम समाज
में भी एक बड़ा वर्ग राष्ट्रनिष्ठ है। लड़कर लिए पाकिस्तान की क्या स्थिति
है। यहां का मुसलमान जानता है। इसलिए उन्हें फिर से नर्क में नहीं जाना है
तो सौ करोड़ हिंदुओं के साथ राष्ट्रनिर्माण में शामिल हो जाएं।
हिंदू धर्म
के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्रीय संस्कृति के रूप में स्वीकार करें और
वंदेमातरम् का नारा देते हुए मातृभूमि का वंदन करें। यदि उन्हें यह लगता है
कि वे 17 करोड़ हो गए हैं तो हम भी सौ करोड़ हैं। इसका एहसास उन्हें कराना
होगा। (फाइल फोटो)