विधानसभा चुनावों में हार के बाद शिवसेना ने पार्टी में बड़ी फेरबदल करते हुए पांच वरिष्ठ प्रवक्ताओं को हटा कर उनके बदले नए चेहरों को बैठा दिया है।
जिन पांच प्रवक्ताओं को पार्टी ने पद से हटाया है उनमें राज्यसभा सांसद संजय राउत, वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, पार्टी महासचिव सुभाष देसाई और श्वेता पारुलेकर हैं।
पार्टी ने अब दक्षिण मुंबई से सांसद अरविंद सांवत, पुणे से विधायक विजय शिवतारे, डॉ. मनीषा कयांडे, अरविंद भोंसले व मराठी अभिनेता डॉ. अमोल कोल्हे जैसे चेहरों को प्रवक्ता पद की नई जिम्मेदारी सौंपी है।
इस बदलाव के पीछे पार्टी का तर्क है कि पार्टी में नई पीढ़ी के नेताओं को आगे लाया गया है। नई पीढ़ी टेलीविजन पर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएगी।
इस फेरबदल के बारे में शिवसेना के एक नेता ने कहा कि वरिष्ठ नेता जोशी और राउत को किसी मुद्दे पर बोलने के लिए पार्टी प्रवक्ता पद पर रहना जरूरी नहीं है, वे स्वतंत्र हैं वह किसी भी मुद्दे पर पार्टी का मत रख सकते हैं। श्वेता को छोड़कर सभी नेता वरिष्ठ थे। देसाई पार्टी के महासचिव हैं, वह सभी नेताओं को जिम्मेदारी बांटते हैं।