भड़काऊ भाषण को लेकर घिरी शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट को गलत बताया है। शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखा है कि शिवसेना अपनी जुबान बोलती रहेगी और उसे बंद करने की कोशिश सुप्रीम कोर्ट न करे।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र चुनाव आयोग से सवाल किया था कि भड़काऊ बयान की वजह से शिवसेना और एमएनएस की मान्यता क्यों न रद्द कर दी जाए। उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश को तुगलकी फरमान कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर शिवसेना पर पाबंदी लगती है तो यह अकबरुद्दीन ओवैसी जैसे लोगों का समर्थन माना जाएगा।