बनारस का शिया समुदाय अरविंद केजरीवाल का समर्थन कर सकता है। इसका सीधा मतलब है मोदी के साथ कांटे की टक्कर में अरविंद केजरीवाल को एक लाख वोटों का फायदा हो सकता है।
खास बात ये है कि शिया अब तक भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाते आ रहे हैं। अगर ये अनुमान सच निकला तो केजरीवाल चुनाव से पहले ही मोदी के खाते से एक लाख वोट की सेंध लगा लेंगे।
मौलाना ने पढ़े केजरी की तारीफ में कसीदे
मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद की तरफ से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बनारस के शिया मुसलिम केजरीवाल का सपोर्ट कर सकते हैं। पिछले दिनों केजरीवाल को नेक व्यक्ति बताने वाले मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा था कि यूपी के मुसलिम मोदी से डर रहे हैं।
कल्बे जव्वाद आज बनारस में शाम की नमाज के बाद मुसलिम बुद्धिजीवियों और मौलवियों की एक बैठक को संबोधित करने जा रहे हैं।
मोदी नहीं केजरीवाल हैं पसंद
कल्बे जव्वाद की तरफ से उनके एक नुमाइंदे ने कहा कि शाम को होने वाली बैठक में बनारस के चुनावों पर एक बड़ा फैसला किया जाने वाला है। सूत्र बता रहे हैं कि बैठक में मोदी के खिलाफ अरविंद केजरीवाल को समर्थन किए जाने पर फैसला किया जाएगा।
बैठक में शामिल होने वाले एक मौलाना ने कहा कि मोदी को समर्थन करने का सवाल नहीं उठता और ऐसे में केजरीवाल बनारस के लिए सर्वोत्तम उम्मीदवार हैं। ऐसे में केजरीवाल को ही वोट देने का फैसला हो सकता है।
आप प्रत्याशी भी बैठक का हिस्सा बनेगा
कहा जा रहा है कि अमरोहा से आप प्रत्याशी मौलाना कल्बे राशिद रिजवी भी इस बैठक में शामिल होंगे। रिजवी इस बैठक में मौलानाओं को केजरी के पक्ष में करने का काम करेंगे।
सूत्र बता रहे हैं कि शाम को होने वाली बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके फैसले का असर बनारस के अलावा आस पास के क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। बैठक में शुक्रवार की नमाज कराने वाले 500 से ज्यादा मौलवी भाग लेंगे।