केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री और केरल से कांग्रेस पार्टी के संसद सदस्य शशि थरूर अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के बाद एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। वो अगर सफलता की दो सीढ़ियां चढ़ते हैं तो अचानक चार सीढ़ियां नीचे भी उतर जाते हैं। जब साल 2007 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के पद के लिए बान की मून से मुक़ाबला किया, तो उस समय भारतीयों को उन पर काफ़ी गर्व हुआ।
आईपीएल विवाद और मंत्रिपद से इस्तीफा
शशि थरूर साल 2009 में अपना 25 वर्षीय राजनयिक करियर छोड़कर भारत की राजनीति से जुड़ गए। उन्हें तुरंत ही विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री का पद मिल गया, लेकिन अगले ही साल वो विवादों में घिर गए। आईपीएल में कोच्चि क्रिकेट टीम के लिए बोली के मामले में हुए विवाद के बाद उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा। दो साल पहले उन्हें एक बार फिर मंत्री बनाया गया और वो अब तक मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री पद पर क़ाबिज़ हैं।
पति-पत्नी और वो...
शशि थरूर सोशल मीडिया और ख़ास तौर से ट्विटर पर काफी सक्रिय हैं। वो भारत के ऐसे सेलिब्रिटी बने जिनके ट्विटर पर एक लाख फ़ॉलोअर सबसे पहले बने। कुछ लोग उन्हें ट्विटर मंत्री भी कहते हैं। दो दिनों पहले जब उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर ने उनके और पाकिस्तानी महिला पत्रकार के बीच ट्वीट के आदान-प्रदान को मंत्री के ट्विटर अकाउंट से प्रकाशित किया तो उसे थरूर के 20 लाख फ़ॉलोअर्स ने पढ़ा होगा।
शशि थरूर की तीन शादी
शशि थरूर वर्ष 1956 में लंदन में पैदा हुए। भारत और विदेश में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वह वर्ष 1978 में संयुक्त राष्ट्र में काम करने लगे थे और संस्था में काफ़ी तेज़ी से तरक्की करते रहे।
यहाँ तक कि वर्ष 2007 में वह अपनी क़ामयाबी की चरम-सीमा तक पहुंचे और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद के लिए लड़े। वह हार ज़रूर गए लेकिन इसके कारण भारत में उनकी काफ़ी पहचान बनी। सुनंदा पुष्कर से पहले शशि थरूर ने दो और शादियां की थीं।
शशि थरूर जितने विवादों के लिए जाने जाते हैं, उतने ही अपने दिमाग और ज्ञान के लिए भी जाने जाते हैं। वो अच्छी सूरत के मालिक हैं तो अच्छा बोलने और लिखने की सलाहियत भी रखते हैं। वो कई अख़बारों में कॉलम भी लिखते हैं।