पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता ने डॉन न्यूज को बताया है कि भारत ने 26 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के सिलसिले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की यात्रा को जिस ढंग से लिया, उससे शरीफ बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं।
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब दोनों प्रधानमंत्रियों की आपसी बैठक के बाद उनका संयुक्त संवाददाता सम्मेलन नहीं हुआ तब शरीफ को यह बात अच्छी नहीं लगी। उन्हें कमतर आंके जाने का अहसास हुआ।
'भारत ने जारी किया एकतरफा बयान'
अखबार के मुताबिक शरीफ का प्रतिनिधिमंडल एक संयुक्त बयान की उम्मीद कर रहा था, लेकिन ऐसा कोई बयान जारी नहीं हुआ। इसके उलट, भारत ने एकतरफा बयान जारी कर दिया, जिसमें पाकिस्तान का रुख शामिल नहीं था।
नवाज के पार्टी सहयोगी ने अखबार से कहा कि शरीफ नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के सिलसिले में अपनी यात्रा के दौरान भारत में मुलाकात के तौर तरीके से ज्यादा खुश नहीं हैं।
'शरीफ ने सावधानी से पढ़ा था तैयार बयान'
पीएमएल-एन के वरिष्ठ सदस्य ने कथित रूप से कहा कि भारत के बयान में शरीफ को लेकर सरसरी तौर पर उल्लेख था और उनकी उपस्थिति के महत्व को उपयुक्त रूप से स्वीकार नहीं किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि भारत की रूखी प्रेस रिलीज ने उन्हें अपना संवाददाता सम्मेलन करने के लिए बाध्य किया, जहां उन्होंने बड़ी सावधानी से तैयार बयान पढ़ा, ताकि यात्रा से जो कुछ हासिल हुआ, वह व्यर्थ न चला जाए।
पीएमएल-एन सदस्य ने कहा कि पाकिस्तान सरकार अब दोनों देशों के बीच सचिव स्तर की वार्ता से भारत के साथ संबंध सुधारने में कुछ उपलब्धि मिलने की आस लगाए हुए है। शरीफ की भारत यात्रा के दौरान इस पर सहमति बनी थी।