एंटी रेप बिल अर्थात आपराधिक कानून संशोधन विधेयक-2013 मंगलवार को लोकसभा में पारित हो गया। इससे पहले इस बिल पर हुई चर्चा बड़ी दिलचस्प रही।
इस दौरान अजीबोगरीब तर्क सुनने को मिले। वैसे तो सभी दल इस बिल के समर्थन में हैं, लेकिन उन्होंने इसके दुरुपयोग की आशंका भी जताई।
बिल पर चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों की आशंका इतनी दिलचस्प थी कि पूरा सदन लोटपोट हो गया।
जद-यू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि अगर लड़के पीछा नहीं करेंगे तो प्यार कैसे होगा।
ठहाकों से गूंज उठा सदन
यादव के मुख से यह बात निकलते ही पूरा सदन जोरदार ठहाकों से गूंज उठा। जद-यू नेता ने कहा कि यहां प्यार की पहल लड़कों को ही करनी होती है, लेकिन इस विधेयक के प्रावधान इस पर रोक लगा देंगे। अब लड़के पीछा करेंगी ही नहीं तो फिर प्यार कैसे होगा।
उतावली क्यों है सरकार?
चर्चा में हिस्सा लेते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सरकार से सवाल किया कि आखिर वह सबकी गर्दन थानेदारों के हाथ में देने पर उतावली क्यों है? उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून बेहद जरूरी है, लेकिन सरकार इस बिल को दबाव और जल्दबाजी में ले आई है। इसके प्रावधान अस्पष्ट हैं।
इससे पहले चर्चा की शुरुआत भाजपा सांसद भोला सिंह के भाषण से हुई। अपने आधे घंटे से भी अधिक समय के भाषण में उन्होंने बिल के प्रावधानों पर एक शब्द भी नहीं कहा।
महिला सुरक्षा बिल लोकसभा में पास
वे सिर्फ महिलाओं के सम्मान के संदर्भ में धार्मिक तथा काल्पनिक कथाओं का जिक्र करते रहे। उन्होंने दावा किया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के यहां भी बेटी (इंदिरा गांधी) होने पर खुशी नहीं मनाई गई थी।
कांग्रेस के संदीप दीक्षित ने सदन के सहमति की सेक्स की उम्र सीमा पर नए सिरे से विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब भी सहमति से सेक्स के लिए 18 साल की उम्र सीमा प्रासंगिक है?
खास बिल पर खास बोल-
कोई है जिसने कभी पीछा न किया हो
शरद यादव ने एंटी रेप बिल पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सदन से पूछा कि क्या यहां कोई है जिसने कभी किसी लड़की का पीछा नहीं किया हो। उन्होंने कहा कि विधेयक में स्वाभाविक चीजों को अस्वाभाविक बना कर अपराध की श्रेणी में रख दिया गया है।
प्यार के बीच कानून की दीवार
विधेयक के प्रावधानों से नाखुश शरद यादव ने कहा कि चूंकि अब पीछा करना अपराध है। इसलिए लड़के-लड़कियों के प्यार के बीच कानून की दीवार खड़ी हो जाएगी।
पढ़ाई की व्यवस्था अलग-अलग करनी होगी
मुलायम सिंह ने कहा कि इस बिल के प्रावधान इतने कड़े हैं कि अब लड़के -लड़कियों की पढ़ाई की व्यवस्था अलग-अलग करनी होगी।