जदयू अध्यक्ष तथा एनडीए संयोजक शरद यादव ने शुक्रवार को जेल की हिरासत में राममनोहर लोहिया अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ रहे इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला से मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच लगभग आधे घंटे तक बातचीत हुई। बृहस्पतिवार को भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के बाद शरद की चौटाला से हुई मुलाकात ने इनेलो के एनडीए में शामिल होने संबंधी अटकलों को और बल दे दिया है।
हालांकि राजनाथ की तरह शरद ने भी इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया है। मगर जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में सजा सुनाए जाने के लंबे समय बाद शिष्टाचार के नाम पर अचानक शुरू हुए मुलाकातों के दौर को हरियाणा में नई राजनीतिक खिचड़ी पकने का संकेत माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में होने जा रहे निगम चुनाव में कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने की आजादी देकर हजकां ने अपने सहयोगी भाजपा को नाराज कर दिया है।
चुनाव में भाजपा और इनेलो बतौर पार्टी चुनाव मैदान में है तो कांग्रेस और हजकां ने अपने कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत स्तर पर चुनाव लड़ने की आजादी दी है।
भाजपा हजकां के इस निर्णय को गठबंधन धर्म के खिलाफ मान रही है, क्योंकि उसका मानना है कि इससे गठबंधन के वोट बंट जाएंगे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि हजकां के इस निर्णय ने पार्टी आलाकमान को नाराज कर दिया है।
इसलिए इस निर्णय के बाद ही इनेलो से शिक्षक भर्ती घोटाले का फैसला आने के बाद से ही चौटाला से दूरी दिखा रही पार्टी का रुख इनेलो के प्रति अचानक नरम हो गया है।
वैसे भी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाई का एक धड़ा हजकां से गठबंधन जारी न रखने की सलाह देता आ रहा है। एनडीए में शामिल अकाली दल और जदयू के चौटाला से करीबी रिश्ते रहे हैं।
अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल ने तो कई बार इनेलो को एनडीए में शामिल किए जाने की पैरवी भी की है। अब राजनाथ के बाद शरद ने भी चौटाला से मुलाकात कर हरियाणा की राजनीति में नई खिचड़ी पकने की ओर साफ इशारा कर दिया है।