गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी विकास पुरुष नहीं आतंक पुरुष हैं।
यह
बयान दिया है कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला ने।
वाघेला ने कहा कि मोदी सरकार के विकास के दावे खोखले हैं।
उन्होंने माया कोडनानी और बाबू बजरंगी को राज्य सरकार की ओर से फांसी की मांग को महज दिखावा बताया है।
उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले उन्होंने राज्य में आतंक और सांप्रदायिक विभाजन का माहौल पैदा कर दिया है।
पानी को तरस रहे लोग
वाघेला ने कहा कि गुजरात में विकास होने की बातें केवल ढकोसला है, जबकि सच्चाई यह है कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में लोग पानी को तरस रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी ने अपनी छवि बनाने को सद्भावना मिशन के लिए 200 करोड़ रुपए पानी की तरह बहा दिए। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि ऐसा सिर्फ अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए किया गया।
पैसे के बल पर अभियान
वाघेला ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में लोकतांत्रिक एवं दलीय चुनाव प्रणाली है, जहां प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का सीधे चुनाव नहीं होता। ऐसे में किसी व्यक्ति को पीएम के लिए आगे किया जाना गलत है।
वाघेला ने कहा कि पैसे के बल पर मीडिया में मोदी के पक्ष में अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात को गलत बताया कि अगला चुनाव मोदी बनाम राहुल गांधी है।
फांसी की मांग महज दिखावा
वाघेला ने वर्ष 2002 के नरोदा पाटिया दंगों में दोषी पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बाबू बजरंगी सहित 10 आरोपियों के लिए गुजरात सरकार की ओर से फांसी की मांग को महज दिखावा बताया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एक तरफ दंगाइयों को छूट देती है तो दूसरी तरफ अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए ऐसी बातें करती है।
नरोदा पाटिया दंगों के मामले में एक विशेष अदालत ने माया कोडनानी को 28 वर्ष की कैद की सजा सुनाई थी, जबकि बाबू बजरंगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
28 फरवरी 2002 को गुजरात के नरोदा पाटिया इलाके को घेर कर 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी।