भारतीय परिवारों में यौन असंतोष तलाक की एक बड़ी वजह बन रहा है। अभी तक यह चलन सिर्फ मेट्रो शहरों तक ही सीमित था लेकिन अब छोटे शहरों में भी यह चलन में आ गया है।
इसी वजह से इन शहरों के पुरुष और महिलाएं यह स्वीकार करने में भी संकोच नहीं कर रही हैं कि शादी के बाद भी उनके एक से अधिक लोगों से संबंध हैं।
आठ मेट्रो शहर समेत 20 शहरों में किए गए सर्वे के आधार पर मेडिएंज्ल्स डॉट कॉम की ओर से एक रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंपने की तैयारी है, ताकि स्कूली पाठ्यक्रम में सेक्स एजूकेशन को शामिल किया जाए और सेक्स के प्रति भ्रांतियों को दूर किया जाए।
अध्ययन में शामिल डॉ. देबराज शोम ने बताया कि आठ मेट्रो शहर समेत 20 शहरों में 20 से 65 आयुवर्ग के 6467 लोगों से बातचीत की गई। सर्वे में 64 फीसदी पुरुषों और 36 फीसदी महिलाओं को शामिल किया गया।