फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुलझेगी शांति सैनिकों के कांगो सेक्स कांड की गुत्थी

Mon, 22 Oct 2012 12:38 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
अफ्रीकी देश कांगो के चार साल पुराने सेक्स कांड की सच्चाई जल्द सामने आने वाली है। 2008 में कांगो में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के तहत भारतीय सेना की सिख रेजीमेंट की एक यूनिट के खिलाफ यौन दुराचार की शिकायतें मिली थीं। इस मामले की अदालती जांच अब पूरी हो गई है। इसके बाद मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन


इस तरह के आरोप थे कि सिख रेजीमेंट की इस यूनिट की तैनाती वाले इलाके में भारतीयों जैसी शक्ल के बच्चे पैदा होने लगे हैं। यूनिट के 12 अधिकारियों और 39 सैनिकों को जांच के दायरे में लाया गया था। साथ ही मेरठ में बिग्रेडियर के स्तर पर अदालती जांच बैठाई गई थी। सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बिग्रेडियर एम एम मसरू की अगुवाई में दो कर्नलों के सहयोग से हुई इस जांच के पूरा होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अब उसके निष्कर्षों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सूत्रों ने जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने तक उसके नतीजों की जानकारी देने से इनकार किया लेकिन कहा कि जांच में पूरी सख्ती बरती गई है और तहकीकात के दायरे से कोई पहलू छूटा नहीं है। अंतिम जांच रिपोर्ट को सेना मुख्यालय भेजा जाएगा और समुचित स्तर पर उस पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


क्या था मामला
सेना की यह यूनिट कांगो के प्रांत नॉर्थ किवू में किवांजा में तैनात थी। वहां संयुक्त राष्ट्र के ऑफिस ऑफ इंटरनल ओवरसाइट सर्विसेज (ओआईओएस) ने विशिष्ट भारतीय शक्लों वाले बच्चों के डीएनए नमूनों की जांच के आधार पर प्राथमिक तौर पर यौन दुराचार के मामलों की पुष्टि की थी। यूनिट को जुलाई 2009 में वापस बुला लिया गया था।

कुछ तबकों में यह बहस उठाई गई कि आपसी सहमति से कायम हुए यौन संबंधों या वेश्यावृत्ति के मामलों को यौन दुराचार के रूप में पेश किया गया। जवाब में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के कार्यालय ने स्पष्ट किया था कि सहमति से सैक्स संबंध कायम करना भी नीति एवं नियमों के उल्लंघन के दायरे में आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें