समाजसेवी से राजनेता बने अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के गढ़ फर्रुखाबाद में उनपर जमकर हमला बोला। फर्रुखाबाद में आयोजित रैली में केजरीवाल ने कहा कि सलमान खुर्शीद ने विक्लांगों के नाम पर 14 में से 11 जिलों में घपला किया। उन्होंने विक्लांगों की बैशाखी का पैसा भी नहीं छोड़ा और उसमें घोटाला कर दिया।
केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा कि फर्रुखाबाद की जनता को इस घोटाले से सबक लेते हुए सलमान खुर्शीद को दोबारा यहां से सांसद बनने से रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून मंत्री जैसे पद पर रहते हुए सलमान खुर्शीद ने जिस तरह की भाषा में उन्हें धमकी दी, वह निंदनीय है। केजरीवाल ने कहा कि रैली के लिए आते समय रास्ते में विरोध करने वाले गिनती के लोग थे, उन्हें यहां मंच पर आकर अपना विरोध दिखाना चाहिए।
आवास विकास परिसर में हुई केजरीवाल की रैली में काफी भीड़ दिखी। हालांकि रैली से पहले केजरीवाल समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकरीबन एक दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
केजरीवाल गुरुवार सुबह अपने समर्थकों के साथ पद्मावत एक्सप्रेस से लखनऊ पहुंचे। वहां से वह सड़क के रास्ते कानपुर, उन्नाव होते हुए फर्रुखाबाद पहुंचे। इस बीच मलिकपुर में खुर्शीद के समर्थकों ने केजरीवाल के काफिले को रोक लिया, जिस वजह से केजरीवाल एक घंटे की देरी से जनसभा में पहुंचे।
आईएसी सूत्रों के अनुसार, जनसभा में उत्तर प्रदेश के 17 जिलों के करीब तीन हजार विकलांग हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा आईएसी टीम से जुड़े उत्तर प्रदेश के सदस्यों के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के छात्र, चिकित्सक व किसान हिस्सा ले रहे हैं। जनसभा को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
गौरतलब है कि केजरीवाल ने सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी पर डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के जरिए सरकारी पैसे में घपले का आरोप लगाया था। वहीं, सलमान खुर्शीद ने इन आरोपों का जबरदस्त खंडन किया था। खुर्शीद ने ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को बांटे गए उपकरणों की सूची व फोटो दिखाई थी। लाभार्थियों को मीडिया के सामने भी प्रस्तुत किया था, जिस पर टीम केजरीवाल ने वंचितों को पेश किया था। उस दौरान आरोप और सफाई देने के बीच दिल्ली का सियासी पारा काफी चढ़ गया था। खुर्शीद ने केजरीवाल को धमकी दी थी कि वह फर्रूखाबाद आएं, लेकिन यहां से लौटकर दिखाएं।