इंडियन मुजाहिदीन के प्रमुख यासीन भटकल को धर दबोचने से जुड़ा ऑपरेशन इतना गोपनीय रखा गया था कि उसकी गिरफ्तारी के बाद भी बिहार पुलिस के चुनिंदा शीर्ष अधिकारियों को इस बारे में जानकारी थी।
एक अधिकारी के मुताबिक उन्हें यह तक नहीं बताया गया था कि उसे पूछताछ के लिए कहां ले जाया जा रहा है।
बिहार पुलिस प्रमुख अभयानंद के मुताबिक उनकी पुलिस ने भटकल की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई, जिसकी तलाश बम धमाकों से जुड़े कई मामलों में थी।
उन्होंने बताया, 'बिहार पुलिस ने भटकल को पकड़ने के लिए एनआईए और दूसरी सरकारी एजेंसियों को काफी मदद दी।'
पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भटकल से जुड़े इस ऑपरेशन के बारे में आखिरी पल तक किसी को नहीं पता था।
कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारियों को भटकल को गिरफ्तार करने से जुड़े विशेष अभियान के बारे में पता था। एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस स्तर के एक अधिकारी ने बताया कि सीनियर अधिकारियों को भी यह नहीं बताया गया था कि उससे पूछताछ कहां हो रही है।
उन्होंने कहा, 'यह काफी संवेदनशील मामला था, इसलिए ऑपरेशन में शामिल लोगों के अलावा इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी गई।'
अधिकारियों का कहना है कि एनआईए की टीम पिछले कुछ महीनों से बिहार में ही डटी हुई थी, क्योंकि यह खुफिया जानकारी मिली थी कि कई बार हाथ से निकल चुका भटकल वहां है।