राज्यसभा में प्रश्नकाल के समय में बदलाव पर सभी संबंधित पक्षों की अनौपचारिक सहमति बन गई है। इस पर अंतिम फैसला तीन सदस्यीय कमेटी लेगी। कमेटी के सामने प्रस्ताव रखा गया है कि प्रश्नकाल को दिन के 11-12 बजे से बदलकर 12 से एक बजे के बीच कर दिया जाए। इस बदलाव को अगले बजट सत्र से लागू किया जा सकता है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने हंगामे की वजह से प्रश्नकाल नहीं चल पाने पर चर्चा के लिए बुधवार को नियम समिति की बैठक बुलाई थी। रूल्स कमेटी की बैठक में पीठासीन अधिकारी पीजे कुरियन, संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला और भाजपा सांसद चंदन मित्रा की एक कमेटी गठित की गई है।
कमेटी को दस दिन के भीतर इस मामले से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह फैसला भी लिया गया कि कमेटी सभी पार्टियों के सांसदों से बातचीत कर उनका नजरिया भी रिपोर्ट में शामिल करेगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे पर अंसारी ने मंगलवार को समय में फेरबदल का प्रस्ताव रखा था।
सांसदों के रुख पर अंसारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सांसदों को प्रश्नकाल के सवाल जवाब में कोई दिलचस्पी नहीं रह गई है। लिहाजा वह या तो इसे खत्म करने या फिर समय में बदलाव का प्रस्ताव रखेंगे। अंसारी के इसी फैसले के तहत बुधवार को रूल्स कमेटी की बैठक हुई। प्रश्नकाल सदन की दिनभर की पहली कार्यवाही होती है। अंसारी का मानना है कि इसमें सांसद अपने क्षेत्र के लोगों से सीधे जुड़े मामले उठाते हैं और सरकार को उसका जवाब देना पड़ता है। संसदीय प्रणाली में प्रश्नकाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।