बिहार के मंत्री जय कुमार सिंह के 14 साल के बेटे की रैगिंग के मामले में पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें मध्यप्रदेश के सिंधिया स्कूल में पढ़ने वाले तीन नाबालिग छात्र हैं जबकि दो कर्मचारी शामिल हैं।
14 वर्षीय आदर्श सिंह ने अपने सीनियर छात्रों की रैगिंग से परेशान होकर सुसाइड करने की कोशिश की थी।
इस मामले की जांच कर रही कमेटी का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने रैगिंग की जानकारी होने के बावजूद कोई उचित कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते आदर्श को यह जानलेवा कदम उठाना पड़ा।
बिहार के कोऑपरेटिव मंत्री जयकुमार सिंह के 14 वर्षीय बेटे आदर्श को 20 अगस्त को अपने हॉस्टल रूम के नजदीक संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े पाया गया था।
उसके गले में बेडशीट लिपटी हुई थी। ग्वालियर के कलेक्टर पी नरहरि ने बताया कि सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने पाया कि बारहवीं के कुछ छात्रों ने आदर्श की रैगिंग की थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।