अदालत ने पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष, भारती एयरटेल, वोडाफोन सहित तीन दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में संज्ञान लेने संबंधी सुनवाई 11 फरवरी तक स्थगित कर दी। यह मामला राजग सरकार के समय में आवंटन में हुई अनियमितताओं के मुद्दे पर दायर किया गया है। सीबीआई के अनुसार, आवंटन में बरती अनियमितताओं के कारण सरकार को 846 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी को आरोप पत्र पर आज संज्ञान लेना था। सीबीआई के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस मामले में अभी आरोप पत्र से जुड़े कुछ दस्तावेज दाखिल करने हैं। इसलिए उन्हें दो सप्ताह का समय प्रदान किया जाए। अदालत ने उनका आग्रह स्वीकार करते हुए संज्ञान पर सुनवाई 11 फरवरी तक स्थगित कर दी।
आरोपपत्र में सीबीआई में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड, हचिसन मैक्स एवं स्टर्लिंग सेल्युलर और रिटायर्ड तत्कालीन दूरसंचार सचिव श्यामल घोष को आरोपी बनाया है। सीबीआई ने कहा जिस समय आवंटन में अनियमिततांए बरती गईं उस समय स्व. प्रमोद महाजन संचार मंत्री थे, मगर उनकी मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती।
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में बीएसएनएल के पूर्व निदेशक जेआर गुप्ता को अभियुक्त बनाया गया था, मगर दायर आरोप पत्र में सीबीआई ने उनका नाम गवाहों की सूची में पेश किया है। सीबीआई ने कहा कि एयरटेल और वोडाफोन के प्रमोटरों के खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है।
पीएम के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई से इनकार
तीस हजारी जिला अदालत ने टूजी मामले में प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और पूर्व दूर संचार मंत्री दयानिधि मारन के खिलाफ दायर शिकायत को सुनने से इनकार कर दिया। अदालत ने क्षेत्राधिकार न होने का हवाला देते हुए अपना फैसला सुनाया। शिकायत में टूजी स्पैक्ट्रम आवंटन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।
स्पेशल सीबीआई जज संगीता ढींगरा ने अपने आदेश में कहा कि यह अदालत भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए है। मौजूदा शिकायत को सुनने का उसे अधिकार नहीं है। इसलिए शिकायतकर्ता की अर्जी खारिज की जाती है। गौरतलब है कि आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग ने अपनी शिकायत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व दूर संचार मंत्री दयानिधि मारन पर गलत तरीके से स्पैक्ट्रम आवंटन के मूल नियमों में फेरबदल करने का आरोप लगाया था।