सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पाकिस्तान की जेलों में 43 साल से बंद युद्धबंदियों ताजा सूची मांगी है। साथ ही कोर्ट ने इनकी रिहाई के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की भी जानकारी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को छह सप्ताह के भीतर नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें 1985 में सरकार द्वारा तैयार की गई सूची की मौजूदा स्थिति के बारे में बताने को कहा है।
इस सूची में सरकार ने स्वीकार किया था कि 54 भारतीय जवान पाक में युद्धबंदी हैं। उन्हें 1971 के युद्ध में बंदी बना लिया गया था।
चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि 54 युद्धबंदियों की सूची 29 साल पहले तैयार की गई थी। अब इस सूची की मौजूदा स्थिति का पता लगाना जरूरी है, क्योंकि हो सकता है कि इनमें से कुछ जीवित न हों।