कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन सौरभ कालिया टॉर्चर केस में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले मे केंद्र सरकार को दस हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया है।
नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या ऐसे मामले में कोर्ट दखल दे सकता है। साथ ही कोर्ट ने पूछा है कि क्या सरकार कैप्टन सौरभ कालिया के मामले को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उठाएगी या नहीं।
गौरतलब है कि 1999 में हुए कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने कैप्टन कालिया को बंदी बनाने के बाद अमानवीय यातनाएं देकर मार डाला और बाद में उनके क्षत-विक्षत शरीर को उनके परिवार को भेज दिया था।
कैप्टन कालिया के पिता एनके कालिया का कहना है कि उनके बेटे के साथ किया गया व्यवहार जेनेवा समझौते का उल्लंघन था लेकिन भारत सरकार ने पाकिस्तान के समक्ष इस मामले को उठाने में संवेदनहीनता बरती।
एनके कालिया की याचिका पर सुनवाई कर रहे जजों ने कहा, हम आपकी पीड़ा को पूरी तरह समझते हैं, लेकिन इसमें कोर्ट की क्या भूमिका हो सकती है? क्या हम भारत सरकार को इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उठाने के लिए निर्देश दे सकते हैं?
कोर्ट ने इस ममाले में रक्षा, गृह ओर विदेश मंत्रालय को नोटिस भेजा है और 10 हफ्ते में जवाब मांगा है।