सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संसद का अपमान देश का अपमान है। शीर्ष अदालत ऐसी किसी भी याचिका में पक्षकार (पार्टी) नहीं हो सकती, जिसमें राजनेताओं को भ्रष्ट और इन हाउस क्रिमिनल बताया गया हो।
अदालत ने कहा कि हम किसी को जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने की इजाजत नहीं दे सकते।
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही संवैधानिक पीठ ने कहा कि उसे सिर्फ नए कानून एनजेएसी से जुड़े संवैधानिक पहलुओं से मतलब है।
एनजेएसी की संवैधानिक वैधता को कई व्यक्तियों और संगठनों ने चुनौती दी है। इसी क्रम में संवैधानिक पीठ ने ये टिप्पणी उस वक्त की, जब उसने इस संबंध में वकील एमएल शर्मा द्वारा दाखिल याचिका पर गौर किया।