सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति के लिए राहत भरी खबर आई है। अब सीतलवाड की गिरफ्तारी पर 19 फरवरी तक के लिए रोक लगा दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के वकील को सीतलवाड़ से जुड़े मामले पर कुछ अहम दस्तावेजों को 19 फरवरी के पहले पेश करने का आदेश दिया है। वहीं कोर्ट ने सीतलवाड़ को भी उनके बचाव में अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति दी है।
तीस्ता सीतलवाड़ पर गुलबर्ग सोसाइटी दंगे के पीड़ितों की याद में स्मारक बनाने के लिए जुटाए गए चंदे के गबन करने का आरोप है। गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसायटी में 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
गौरतलब है कि चंदे के कथित दुरुपयोग के एक मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।