सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव के एक किले में सोने की खोज में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के खुदाई अभियान में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह सिर्फ अनुमान के आधार पर कोई आदेश नहीं दे सकती।
चीफ जस्टिस पी सदाशिवम और जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने हालांकि अधिवक्ता एमएल शर्मा की ओर से याचिका खारिज नहीं करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया, जिसमें खुदाई प्रक्रिया पर अदालत की निगरानी करने का आग्रह किया गया है।
पीठ ने कहा कि सभी सनसनीखेज मामलों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। अदालत के आदेश के लिये कोई आधार होना चाहिए क्योंकि महज अनुमान के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता।
जनहित याचिका में अनुरोध किया गया है कि खोदे जाने वाले स्थल पर सुरक्षा और संरक्षण के समुचित बंदोबस्त किए जाएं ताकि छिपा हुआ खजाना मिलने की स्थिति में यह गलत हाथों में न पड़ सके।
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस समय किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। जबकि शर्मा का कहना था कि इस मामले की अदालत की ओर से निगरानी जरूरी है क्योंकि कीमती संपदा गायब हो सकती है।