सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) को एमबीबीएस, बीडीएस और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों के लिए पहली बार कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन करने की अनुमति दे दी है।
मगर उसे अगले आदेश तक नतीजे घोषित नहीं करने का निर्देश भी दिया गया है। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने राज्यों के विश्वविद्यालयों और संस्थानों को इन सभी कोर्सों से संबंधित परीक्षाएं आयोजित करने की छूट दे दी है, लेकिन इसके भी परिणाम अगले आदेश तक सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।
एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) आयोजित करने के एमसीआई के फैसले के खिलाफ कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिए हैं कि विभिन्न अदालतों में लंबित सभी याचिकाओं को 15 जनवरी, 2013 तक उनके पास स्थानांतरित किया जाए।
मुख्य न्यायाधीश कबीर ने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्थानांतरित मामलों और रिट याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई और इनके निबटारे के लिए इन्हें 15, 16 और 17 जनवरी को सूचीबद्ध किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा विचार है कि इसे जल्दी निबटाया जाना चाहिए और इन मामलों की सुनवाई में लगने वाले समय का उपयोग छात्रों को संबंधित परीक्षाओं में बैठने के लिए किया जाना चाहिए। न्यायालय ने संबंधित पक्षों के वकीलों से 7 जनवरी से पहले उसके सामने लिखित जवाब पेश करने के लिए कहा।