सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल जेपी राजखोवा को नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने से रोकने संबंधी कांग्रेस की मांग पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।
जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक संकट से जूझ रहे राज्य में यथास्थिति बनाए रखने की मांग को भी मानने से इनकार कर दिया। राज्य में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है। पीठ ने कहा कि हमने आपकी दलीलें सुन ली हैं। हम इस पर कोई आदेश पारित करने का प्रस्ताव नहीं देंगे।
हम मामले को उसके मेरिट पर सुनेंगे। मामले की जानकारी मिलने के बाद तुरंत अदालत पहुंचे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अदालत एक संवैधानिक प्राधिकार को कोई फैसला लेने से नहीं रोक सकती।
अदालत संवैधानिक प्राधिकार के फैसले को रद्द कर सकती है, लेकिन यह दलील पूरी तरह से अतार्किक है। आज नहीं तो कल राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाना होगा और कोई न कोई सरकार गठित होगी ही।