उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के चुनाव को चुनौती देने वाली पीए संगमा की याचिका को आज खारिज कर दिया।
राष्ट्रपति चुनाव के हारने के बाद पीए संगमा ने मुखर्जी पर नामांकन पत्र भरने के दिन भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष के रूप में लाभ के पद पर रहने का आरोप लगाया था।
हालांकि मुखर्जी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि वह पहले ही इस पद से इस्तीफा दे चुके है और नामांकन पत्र भरने के समय किसी लाभ के पद पर नहीं थे।
राष्ट्रपति चुनाव के चुनाव अधिकारी ने भी श्री संगमा की आपत्तियों को खारिज कर दिया था। चुनाव आयोग ने इस फैसले के खिलाफ दायर अपील को ठुकरा दिया था जिसके बाद संगमा ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने बहुमत से फैसला देते हुए कहा कि नामांकन पत्र भरने के दिन मुखर्जी लाभ के पद पर नहीं थे इसलिए अदालत इस मामले में हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत महसूस नहीं करती।