फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'हेट स्पीच' पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब

Mon, 08 Apr 2013 08:42 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
राजनीतिज्ञों और सामाजिक व धार्मिक संगठनों के नेताओं के नफरत फैलाने वाले भाषणों पर रोक लगाने के दिशा-निर्देश तय करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। सर्वोच्च अदालत ने इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया मांगी है।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक एनजीओ की ओर से दायर याचिका पर महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया है। इन दोनों राज्यों में हाल ही में कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण देने की घटनाएं हुई हैं।

जनहित याचिका में तर्क दिया गया है कि धर्म, क्षेत्र, जाति या जन्म स्थान को लक्ष्य करने वाले भाषण संविधान के प्रावधानों के खिलाफ हैं।

याचिका एनजीओ प्रवासी भलाई संगठन ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि नफरत फैलाने वाले भाषण लोकतांत्रिक ताने बाने को नष्ट करते और संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। इसलिए उन पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए जाने की जरूरत है। सरकार इस मामले में मूक दर्शक बनी है, इसलिए अदालत को इस मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत है।
विज्ञापन


एनजीओ के अधिवक्ता ने कहा कि राज ठाकरे और अकबरूद्दीन ओवैसी के भाषणों का भी जिक्र किया। सर्वोच्च अदालत ने अधिवक्ता के तर्कों का समर्थन करते हुए कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है। इसलिए अदालत सरकार व अन्य प्रति पक्षों से जवाब तलब करती है। अगली सुनवाई प्रति पक्षों के जवाब के बाद की जाएगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें