दिल में कुछ अलग करने का संकल्प व्यक्ति को प्रसिद्धि की ऊंचाई पर पहुंचा देता है, ऐसी ही हसरत है एएमयू के छात्र सौरभ माहेश्वरी की। डिप्लोमा इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र सौरभ एएमयू के स्वर्णिम इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ने जा रहे हैं। वह कैनेडी हॉल में 5 घंटे में 1 से 10 हजार तक के पहाड़े कागज पर लिखेंगे।
अगर वह यह कर पाए तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक और एएमयू के छात्र का नाम दर्ज हो जाएगा। इससे पहले बीटेक के छात्र सैयद नबील मेहदी अपनी टीम के साथ विश्व का सबसे बड़ा लिफाफा तैयार कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एएमयू का नाम दर्ज करा चुके हैं।
यूसुफ गंज निवासी प्रभात कुमार माहेश्वरी के पुत्र सौरभ जीईसी के हॉबी वर्कशॉप के सदस्य हैं। 5 वर्ष पहले जब कक्षा 8 में पढ़ते थे तब वह 488 तक पहाड़े लिख लेते थे। 4 नवंबर को सौरभ माहेश्वरी इस ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत सुबह 9.30 बजे करेंगे। एएमयू जनरल एजूकेशन सेंटर के कोआर्डिनेटर डॉ. एफएसएच शीरानी कहते हैं कि सह कुलपति सैयद अहमद अली के बजर दबाने के साथ ही काउंटिंग शुरू हो जाएगी। बड़ी सी टेबल पर सौरभ कागज पर पहाड़े लिख रहे होंगे।
उनकी मॉनीटरिंग के लिए एक कैमरा सबसे ऊपर सीधे टॉप पर लगा होगा। एक कैमरा सामने की ओर होगा। 2 जज 3-3 घंटे की शिफ्ट में मौजूद रहेंगे। इस मौके पर कमिश्नर कुंवर विक्रम सिंह के मौके पर रहने की पूरी उम्मीद है। अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौजूद रहने के लिए आमंत्रण दिया गया है।
सौरभ 5 घंटे के प्रयास में दो घंटे बाद 5 मिनट का ब्रेक लेंगे। पूरी रिकॉर्डिंग टाइमिंग और सभी सामग्री गिनीज बुक के कार्यालय भेज दी जाएगी। ताला कारखाना स्वामी के बेटे सौरभ की बहन जयपुर के इंस्टीट्यूट से ज्वैलरी डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं।