ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक सरपंच को दो बच्चों संबंधी नियम तोड़ने की भरपाई अपनी कुर्सी गवां कर करनी पड़ी।
सिविल न्यायाधीश की अदालत ने जिले की कुहुदी ग्राम पंचायत के सरपंच राजीव कुमार प्रस्टी का निर्वाचन रद्द कर दिया है।
प्रस्टी ने राज्य में पंचायत चुनावों के लिए नामांकन पत्र भरते समय अपने दो बच्चे होने की गलत जानकारी देकर नियम का उल्लंघन किया था।
ओडिशा ग्राम पंचायत कानून की धारा 11 के मुताबिक, दो से ज्यादा संतानों वाला व्यक्ति पंचायत चुनाव लड़के के योग्य नहीं है।
प्रस्टी चार साल पहले पंचायत चुनावों में दीप्ति रंजन दास को हराकर सरपंच बने थे।
नामांकन पत्र भरे जाने के दौरान दास ने निर्वाचन अधिकारी से प्रस्टी का नॉमिनेशेन रद्द करने की मांग की थी। दास का आरोप था कि प्रस्टी तीन बच्चों के पिता हैं और उन्होंने नॉमिनेशन में गलत जानकारी दी है।
लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने उनकी मांग खारिज कर दी। तब दास ने अदालत में याचिक दायर की, जहां प्रस्टी को सरपंच के पद से हटाने का फैसला दिया गया है।