फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरबजीत पर पाक जेल में हमला, हालत नाजुक

Fri, 26 Apr 2013 11:20 PM IST
नई दिल्ली/लाहौर/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह पर शुक्रवार को दो कैदियों ने धारदार हथियार और ईंटों से हमला कर दिया।
विज्ञापन


हमले में सरबजीत के सिर पर गहरी चोट आई है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

सरबजीत को जिन्ना अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसका ऑपरेशन करेंगे।

भारत ने पाक से सरबजीत से दूतावास के अधिकारियों को मिलने देने की इजाजत मांगी है। इस बीच इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायुक्त के दो अधिकारी लाहौर पहुंच रहे हैं।

टीवी चैनलों के अनुसार, लाहौर की कोट लखपत जेल में कैदियों ने सरबजीत पर उस वक्त हमला किया जब उसे और अन्य कैदियों को एक घंटे के ब्रेक के लिए सेल से बाहर लाया जा रहा था।
विज्ञापन


दो कैदियों ने सरबजीत पर धारदार हथियार और ईंटों से हमला किया। इसमें उसके सिर पर गहरी चोट आई है। हालत नाजुक होने पर उसे जिन्ना अस्पताल ले जाया गया।

हालांकि इस बारे में अभी पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भारतीय उच्चायुक्त के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान अधिकारियों की ओर से इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई।

अस्पताल वार्ड के बाहर कमांडो तैनात
पाकिस्तान सरकार ने अस्पताल वार्ड के बाहर पुलिस कमांडो और खुफिया एजेंटों को तैनात कर दिया है।

कड़ी सुरक्षा के बावजूद हुआ हमला
पाक का दावा है कि भारतीय संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने के बाद सरबजीत की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सख्त सुरक्षा के बावजूद सरबजीत पर हमला होना पाकिस्तानी जेल प्रशासन की चूक को दर्शाता है।

जेल अधिकारी सस्पेंड
विदेश विभाग के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और कोट लखपत जेल के सुपरिटेंडेंट, असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट तथा सरबजीत की सुरक्षा में तैनात गार्ड को सस्पेंड कर दिया गया है।

जेल में क्यों है सरबजीत
49 वर्षीय सरबजीत को 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए बम धमाके में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस धमाके में 14 लोगों की जान गई थी।

गिरफ्तारी के बाद सरबजीत को फांसी की सजा सुनाई गई थी। बाद में सरबजीत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने खारिज कर दिया था।

हालांकि 2008 में पाकिस्तान में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार आने पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के हस्तक्षेप के चलते फांसी की सजा टल गई थी। सरबजीत का परिवार और भारत इस मामले को गलत पहचान का मामला बताता है।
विज्ञापन


सरबजीत पर हमले की खबर काफी दुखद है। इसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। इसके काफी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए जेल अधिकारी जिम्मेदार हैं। उम्मीद है, खुदा सरबजीत की रक्षा करेंगे।
ओवैस शेख, सरबजीत के वकील

सरबजीत की तत्काल रिहाई और उसे भारत भेजने के लिए मैं एक और याचिका पाकिस्तान के राष्ट्रपति के पास देने जा रहा हूं।
अंसार बर्नी, मानवाधिकार कार्यकर्ता

कोट लखपत जेल
इस जेल की क्षमता मात्र 4000 की है लेकिन यहां पर 17000 कैदी बंद हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें