सारा की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का केस तो दर्ज किया लेकिन इसकी ठीक से जांच-पड़ताल नहीं की।
अब सीबीआई जांच शुरू होते ही पुलिस की लापरवाही सामने आई है। जो लोग शक के दायरे में आए, उनसे पुलिस ने पूछताछ तक नहीं की। अब ये नाम सीबीआई को दिए गए हैं।
दूसरी बड़ी लापरवाही फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का केस डायरी में उल्लेख न किया जाना रही। पहले आगरा की फोरेंसिक टीम ने मौका ए वारदात का परीक्षण किया। इसके बाद लखनऊ से एक्सपर्ट आए।
आगरा की फोरेंसिक रिपोर्ट में हादसे का इशारा था जबकि लखनऊ की टीम हत्या मानकर चल रही थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विरोधाभास के चलते दोनों में से किसी भी लैब ने रिपोर्ट नहीं दी।