गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय राजनीति में लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई कद्दावार नेताओं के बाद अब संत समाज का समर्थन भी मोदी को मिलता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक इलाहाबाद में चल रहे महाकुंभ में 7 फरवरी को होने वाली संत समाज की बैठक में मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर मुहर लग सकती है।
7 फरवरी को महाकुंभ मेले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े संतों की अहम बैठक होगी। संतों से चर्चा करने क लिए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह 6 फरवरी को इलाहाबाद पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर बैठक में नरेंद्र मोदी के नाम पर सहमति बनी तो भाजपा की इसी महीने होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में मोदी के नाम पर प्रस्ताव लाया जा सकता है। संतों की बैठक में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी बड़ी घोषणा होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि नरेंद्र मोदी के लिए प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की राह इतनी आसान नहीं है। भाजपा नेताओं के एक बड़े गुट का मानना है कि अगर मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया तो एनडीए का कुनबा बिखर सकता है। जनता दल (यू) इसका संकेत भी दे चुका है। इसके अलावा भाजपा को कांग्रेस के पक्ष में मुसलिम वोटों के ध्रुवीकरण का डर भी सता रहा है।
वहीं मोदी समर्थक भाजपा नेताओं का मानना है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में अगर मोदी को आगे किया जाता है तो पार्टी के सत्ता में आने की उम्मीद है। इसके अलावा लंबे समय से सत्ता से दूर रही भाजपा के कार्यकर्ताओं में भी जोश बढ़ेगा। भाजपा के कई कद्दावार नेता नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को खुले तौर पर समर्थन दे चुके हैं।