मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम को पार्टी ने चेतावनी के साथ अभयदान दे दिया है। निरुपम ने पार्टी की पत्रिका ‘कांग्रेस दर्शन’ में प्रकाशित विवादित लेख को लापरवाही मानते हुए इसके लिए माफी मांगी थी और अनुशासन समिति ने दोबारा ऐसी गलती न करने की हिदायत देकर उन्हें माफ कर दिया।
पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से निकटता की वजह से निरुपम बच गए। पत्रिका के लेखों में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर विवादित टिप्पणी की गई थी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पिता को फासीवादी सैनिक करार दिया गया था। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष इस पत्रिका के संपादक हैं।
पार्टी मुख्यालय के सूत्र बताते हैं कि इस लापरवाही के लिए संजय निरुपम ने पार्टी उपाध्यक्ष से मिलकर निजी तौर पर सफाई दी थी। निरुपम ने बिना शर्त अपनी गलती स्वीकार करते हुए पत्रिका में प्रकाशित हुई सामग्री के बारे में खुद को अनभिज्ञ बताया और संदेह का कोई कारण न देखकर उन्हें यह राहत दी गई है।
हालांकि पत्रिका में इस तरह की सामग्री प्रकाशित होने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सख्त नाराज थीं। इस क्रम में संजय निरुपम को वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय अनुशासन समिति ने नोटिस भी थमाया था।