अभिनेता संजय दत्त को सजा से माफी दिलवाने को लेकर सियासत गरमा गई है।
एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह जहां खुलकर संजय दत्त को माफी देने की वकालत में जुट गए हैं।
वहीं इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस में मतभेद नजर आ रहे हैं।
दिग्विजय के बयान पर कांग्रेस किनारा कर रही है तो दूसरी तरफ संजय को माफ करने का विरोध कर रही भाजपा में ही अलग-अलग सुर सुनने को मिल रहे हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा और जसवंत सिंह जैसे भाजपा दिग्गज संजय के पक्ष में खड़े हो गए हैं। वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने संजय दत्त को मिली सजा को कम करार दिया है।
बचाव में राज ठाकरे
रविवार को राज ठाकरे ने दत्त का समर्थन करते हुए कहा कि उनका केस मुंबई धमाकों से अलग है। संजय को जहां सजा सुना दी गई है, वहीं असली गुनहगार दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन देश से बाहर आराम से अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।
नादानी में काम किया
ठाकरे के साथ कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी इस फिल्म अभिनेता को माफ करने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि संजय ने युवावस्था में नादानी में काम किया। वह आतंकवादी नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने तर्क दिया है कि संजय दत्त ने युवावस्था में उस वक्त के हालात में सोचा कि जिस तरह सुनील दत्त सांप्रदायिकता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और अल्पसंख्यकों का पक्ष ले रहे हैं तो शायद उन पर हमला हो सकता है।
कांग्रेस ने किनारा किया
हालांकि दिग्विजय सिंह के इस बयान से कांग्रेस ने तुरंत किनारा कर लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि कानून अपना काम करता है। संजय दत्त के संबंध में अगर कोई सुप्रीम कोर्ट या फिर राज्यपाल के सामने याचिका देता है तो वे विचार करेंगे। इससे ज्यादा उन्हें कुछ नहीं कहना है।
भाजपा ने दिग्विजय को घेरा
दूसरी तरफ भाजपा ने दिग्विजय सिंह को घेरा है। भाजपा प्रवक्ता बलबीर पुंज ने कहा कि दिग्विजय सिंह का हमेशा रिकॉर्ड रहा है कि वह आतंकवादियों का ही पक्ष लेते हैं। बाटला हाउस मामले में भी उन्होंने आतंकियों का पक्ष लिया था। उन्होंने कहा कि संजय दत्त को माफ करने की जरूरत नहीं है।
माफी देने का सवाल ही नहीं
दूसरी तरफ भाजपा में संजय दत्त को माफी देने की पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद जसवंत सिंह और शत्रुघ्न सिन्हा ने वकालत की है। जबकि राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ ने संजय दत्त को माफी देने का कड़ा विरोध किया है। आरएसएस ने कहा है कि संजय दत्त को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। माफी देने का सवाल ही नहीं है।