हिंदुत्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के आक्रामक तेवर मोदी सरकार के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। मोदी के विकास के एजेंडे पर संघ का कट्टर रवैया भारी पड़ने लगा है। हाल में सामने आए धर्मांतरण के मामलों ने विपक्ष को सरकार पर हावी होने का मौका दे दिया है।
विकास के एजेंडे के सहारे कई चुनावी मोर्चे फतह करने वाली भाजपा को लगता है कि संघ का हिंदुत्व का मुद्दा खासकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में विपक्ष को लगातार मजबूत बना रहा है।
पीएम के विकास के एजेंडे पर हावी हो रहे संघ के हिंदुत्व एजेंडे की वजह से दोनों राज्यों में भाजपा अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टियों को घेरने में कामयाब नहीं हो पा रही है।
संघ के एजेंडे के कारण पार्टी और सरकार को विवादास्पद मुद्दों पर पर आक्रामक रुख अपनाना पड़ा रहा है। पार्टी और सरकार में हाशिये पर चल रहे बड़बोले नेता संघ को ढाल बना कर इन विवादास्पद मुद्दों पर बढ़-चढ़ कर बयानबाजी कर रहे हैं।
विपक्ष को हावी होने का मौका
दिल्ली में मोदी के विकास मॉडल और उत्तर प्रदेश में इस मॉडल के अलावा जातिगत इंजीनियरिंग के सहारे मिशन 2017 को पार पाने की कोशिश में जुटे भाजपा के रणनीतिकार फिलहाल असमंजस में हैं।
रणनीतिकारों को लगता है कि अगर जल्द ही बड़बोलेपन से पैदा होते हालात संभाले नहीं गए तो मतदाताओं को सीधे प्रभावित करने वाले मुद्दों की जगह हिंदुत्व का मसला भारी पड़ने लगेगा। और विपक्ष इसे भुनाने में पीछे नहीं हटेगा।
पार्टी के सत्ता में आते ही संघ के शीर्ष नेताओं ने लव जेहाद और धर्मांतरण के मुद्दों को तूल देने की शुरुआत कर दी थी। लेकिन इधर हिंदुत्व के एजेंडे पर इसके बेहद आक्रामक रवैये ने विकास की बात करने वाली मोदी सरकार को मुश्किल में डाल दिया है।
उत्तर प्रदेश में अहम भूमिका निभाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि हिंदुत्व के मुद्दे के छा जाने के बाद मोदी का विकास का एजेंडा और जातिगत इंजीनियरिंग की रणनीति पीछे छूटती जा रही है।
यूपी में पैठ बनाने की हसरतों को झटका
पार्टी की साध्वी निरंजन ज्योति, साक्षी महाराज, सावित्रीबाई फूले के सहारे पिछड़े और दलित जाति में पैठ बढ़ाने की रणनीति थी, मगर ये नेता हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ रहे हैं। इसी प्रकार संघ को ढाल बना कर स्वामी चिन्मयानंद, योगी आदित्यनाथ जैसे नेता मीडिया में जगह पाने के लिए अपना हिंदूवादी एजेंडा चला रहे हैं।
रणनीतिकारों का मानना है कि अगर यही क्रम जारी रहा तो चुनाव में मोदी के विकास और सुशासन का एजेंडा न केवल पीछे छूटेगा, बल्कि पार्टी को भी न चाहते हुए हिंदुत्व के मुद्दे पर लगातार सफाई देनी पड़ेगी।
संघ से जुड़े होने पर गर्व: वेंकैया
लोक सभा में धर्मांतरण के मुद्दे पर बहस के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने संघ का बचाव किया और इसे महान राष्ट्रवादी संगठन करार दिया।
नायडू ने कहा कि उन्हें संघ से जुड़े होने पर गर्व है। कुछ लोग इस पर बेवजह आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल दुष्प्रचार के जरिये संघ और मोदी सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।