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सैंडी ने अमरिकी ही नहीं भारतीयों की नींद भी उड़ाई

Wed, 31 Oct 2012 12:16 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
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अमेरिका में अब तक के सबसे तेज चक्रवाती तूफान ‘सैंडी’ के आने से अमेरिकियों ही नहीं भारतीयों की सांस भी अटक गई हैं। ये वे लोग हैं जिनके रिश्तेदार और परिवार के लोग अमेरिका में रह रहे हैं।
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ब्रज के लोगों के होश उड़े
मथुरा के राधिका विहार निवासी रिटायर इंजीनियर गिरराज प्रसाद व उनकी पत्नी उर्मिला वशिष्ठ अपनी बेटी अमेरिका प्रवासी संगीता शर्मा व दामाद बाल किशन शर्मा व धेवती सोनू को लेकर सोमवार से ही चिंतित रहे।

अमेरिका के न्यूजर्सी के ओहाय सनसिटी प्रवासी बालकिशन शर्मा इस तूफान से वाकिफ हैं। इन लोगों ने यहां घर वालों को फोन पर बताया कि वहां 140 की गति से ठंडी हवाएं चल रही है और वे घरों में दुबके बंद हालत हैं।
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बाढ़पुरा निवासी अजय अग्रवाल सिहोरा वाले लंबे समय से अमेरिका के कैलीफोर्नियां में रहते हैं। सैंडी आने की सूचना पर अजय के भाई संजय अग्रवाल ने भाई अजय, उनकी पत्नी दीपा अग्रवाल, भतीजे अंकुर व अंकित से दो बार बात की। हालांकि कैलीफोर्नियां में इसका कहर नहीं है फिर भी चेतावनी से वह डरे हुए हैं। संजय ने बताया कि उनके रिश्तेदार गाजियाबाद से भी लगातार अमेरिका संपर्क बनाए हुए हैं।

फंसे हैं अलीगढ़ वालों के परिजन
‘सैंडी’ के आने से अलीगढ़ के कुछ लोगों की भी सांस अटक गई हैं। अलीगढ़ में स्वर्ण जयंती नगर में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विमल खेमानी की बेटी-दामाद और उनके दो बच्चे न्यूजर्सी में रहते हैं। खेमानी कहते हैं कि 2 हजार किलोमीटर के दायरे में फैले चक्रवाती तूफान ‘सैंडी’ के भारतीय समयानुसार मंगलवार दुपहर तक न्यूजर्सी के तट से टकराने की सूचना थी। मंगलवार सुबह 8 बजे तक अमेरिका में संपर्क हुआ और फोन पर बताया कि वहां विद्युत आपूर्ति और इंटरनेट सेवा ठप है।

एक मोबाइल फोन चालू है लेकिन उसका बैकअप कितना रहेगा पता नहीं। खेमानी कहते हैं कि बेटी ने बताया कि वह घर छोड़कर एक सुरक्षित स्कूल में शेल्टर लिए हुए हैं। इसके बाद संपर्क टूट गया है।

सैंडी में फंसी मेरठ की बेटी
अमेरिका पर कहर बनकर बरसे सैंडी तूफान में मेरठ की बेटी भी फंस गई है। अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य में फंसी प्रो. दीपिका सब्बरवाल ने भयानक मंजर को बया करते हुए फोन पर परिजनों को बताया कि यहां भीषण तूफान आया हुआ है। बिजली आपूर्ति बंद है और वह 24 घंटे से एक मकान में बंद हैं। हालांकि वे सुरक्षित हैं।

मुरादाबाद भी सन्न
अमेरिका के सैंडी के खतरे में हैं मुरादाबाद के लोगों के तमाम रिश्तेदार। लगातार फोन से मिल रही सूचनाएं और डरा रही हैं। बिजली गुल हो चुकी है...घर खाली करा लिए गए हैं और न जाने क्या-क्या होगा? कुछ ऐसी ही बातें कर रहे हैं वहां के लोग? उनकी बातों में झलकते खौफ से यहां रह रहे रिश्तेदार भी बेचैन है।

रजबपुर के मुलकटा निवासी संजय अपने परिवार के साथ अमेरिका के कैलीफोर्निया में रहते हैं। छोटे भाई निशांत ने बताया कि जब से पता चला है लगातार संपर्क में हैं। कभी तो बात हो जाती लेकिन कभी फोन भी नहीं मिल पाता। गौरव यादव पेंसलवेनिया में इंजीनियर हैं। किसी तरह फोन मिला तो घर वालों से बात हुई। कह रहे थे बड़ी तेज हवाएं चल रही हैं। लोग दहशत में हैं। घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है।

जम्मू के लोग भी चपेट में
रियासत की कला, संस्कृति और भाषा अकादमी की हिंदी संपादक अजरा चौधरी का कहना है कि छोटी बहन न्यूयार्क में हैं। उनका कहना है कि जिस स्तर और तीव्रता का तूफान है, उससे चिंता होना स्वाभाविक है। उनकी सोमवार सुबह अपनी बहन से बात हुई थी और उसने उनको तूफान की तीव्रता के बारे में जानकारी दी थी।

थमीं रुड़की के गोयल परिवार की सांसें
सैंडी का असर रुड़की के भगवानपुर में भी हुआ है। न्यू जर्सी शहर में भगवानपुर निवासी एक साफ्टवेयर इंजीनियर का परिवार फंस गया है। मंगलवार सुबह 11.30 के बाद से परिवार के लोगों का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। अंतिम वार्ता में उन्होंने बताया कि यहां लाइट गुल है। मोबाइल और लैपटॉप की बैटरी जवाब दे चुकी है। बाहर आपात जैसे हालत हैं। बाहर न निकलने का अलर्ट जारी किया गया है।

पंजाबी परिवारों को लाखों का फटका  
‘सैंडी’ ने पंजाब के कई परिवारों की नींद उड़ा दी है। न्यूयार्क से थोड़ी दूर स्थित एक उपनगर में बनकर लगभग तैयार हो चुकी सुभानपुर के मनजीत की अधबनी इमारत तबाह हो गई है।

वहीं मैनहट्टन और न्यूयार्क में बसे सैकड़ों परिवारों का यहां उनके रिश्तेदारों से समुद्री तूफान के 10 घंटे बाद भी संपर्क नहीं हो सका है। हालांकि मंगलवार रात कुछ परिवारों को उनके रिश्तेदारों के पास अमेरिका से आए फोन ने ये अच्छी खबर दी है कि किसी को भी जान का नुकसान नहीं हुआ है।

यहीं के गांव अकाला के डैनियल और उसकी पत्नी लवीजा काफी अरसे से न्यूयॉर्क में रह रहे हैं। इनके चाचा डेविड ने बताया कि वह अपने भतीजे से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उनसे मंगलवार सुबह से न उनका मोबाइल लग रहा है और न ही किसी तरह उनकी कुशलता की खबर मिल रही है।

फंसे शिमला के बच्चे
नासा के लिए रवाना हुआ आकलैंड हाउस स्कूल का दल अमेरिका में चक्रवाती तूफान ‘सैंडी’ की वजह से वहां फंस गया है। स्कूल की 10 छात्राएं और महिला टीचर न्यू जर्सी में तूफान का दंश झेल रहे हैं और इसके थमने का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावक और स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

हालांकि टीचर और छात्राओं से बराबर संपर्क किया जा रहा है। वे सुरक्षित हैं। तूफान के कारण उड़ाने रद हो गई हैं। अब नई बुकिंग पांच नवंबर की मिली है। ये लोग वहां न्यू जर्सी में एक होटल में ठहरे हैं। किसी को भी होटल से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। स्कूल प्रबंधन की टीचर शिप्रा सूद से बराबर बात हो रही है। 10 बच्चों का यह दल 10 दिन के शैक्षणिक टूर पर नासा गया था। तूफान से कारण मूसलाधार बारिश हो रही है। बिजली गुल है और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

स्कूल प्रिंसिपल सुनीता जॉन ने कहा कि सभी छात्राएं सुरक्षित हैं। सभी बच्चों से उन्होंने बात की है। अभिभावकों को वास्तुस्थिति से अवगत करवा दिया गया है। तूफान की वजह से फ्लाइट रद हो गई। पांच नवंबर को ये लोग वापस लौट रहे हैं।
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