ताजमहल की चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए सैंड मॉडल की मदद ली जाएगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद की तर्ज पर ताजमहल का सैंड मॉडल बनेगा। इसके जरिये सुरक्षा बलों को ताज परिसर के सुरक्षा बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी।
सैंड मॉडल में ताज परिसर के येलो और रेड जोन के सुरक्षा बिंदुओं को अलग-अलग रंगों से सांकेतिक चिह्नों के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इसे तैयार करने के लिए कृष्ण जन्मभूमि परिसर में स्थित मॉडल की मदद ली जाएगी। वहां पर सुरक्षाबलों को ब्रीफिंग कराने को इसका प्रयोग किया जाता है। इसी तर्ज पर यहां भी ताज का मॉडल तैयार किया जाना है। स्थायी समिति की बैठक के बाद इसके लिए ताज सुरक्षा को निर्देशित किया गया है।
बता दें कि इस मॉडल को ताज के अंदर रखा जाएगा। इसके लिए एएसआई से परमीशन ली जाएगी। स्थायी समिति की बैठक में तय किया गया है कि यदि मॉडल को रखने के लिए स्थान की कमी प्रतीत होती है तो इस बारे में अवगत कराया जाए, ताकि इसे रखने को स्थान चयनित किया जा सके। इस मॉडल से जवानों को ताज के चप्पे-चप्पे पर लगने वाली ड्यूटियां समेत अन्य चीजों को मॉडल के माध्यम से समझाया जा सकेगा।
ताज सुरक्षा के सीओ स्वर्णजीत कौर ने बताया कि सैंड मॉडल के बारे में जानकारी के लिए ताज सुरक्षा थाने की टीम को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भेजा गया था। टीम जानकारी लेकर आई है। अगली बैठक में इसे रखा जाएगा।