जम्मू की कोट भलावल जेल में गंभीर रूप से घायल हुए पाकिस्तानी सनाउल्लाह को स्वदेश भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की गई है।
चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती सनाउल्लाह को पाकिस्तान के सियालकोट में भेजने का आग्रह किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि सनाउल्लाह के खिलाफ नौ केस दर्ज हैं। इन सभी में अपनी सजा वह पूरी कर चुका है। वह पिछले 18 साल से जेल में है।
सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिकों को लेकर दायर याचिका के जवाब में केंद्र सरकार ने अगस्त 2012 में हलफनामा दायर किया था। उसमें अन्य विदेशी कैदियों के साथ पाकिस्तानी नागरिकों का भी जिक्र किया गया था।
सनाउल्लाह पर टाडा के अलावा अन्य कई अपराधों के सिलसिले में मुकदमा चला। पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष भीम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सनाउल्लाह 18 साल से जेल में है। उसे 1995 में गिरफ्तार किया गया था।
जेल में एक अनुशासित कैदी के रूप में रहने वाला सनाउल्लाह पेशे से म्यूजिकल बैंड मास्टर है। उसने जेल में भी बैंड मास्टर का काम किया।
आवेदन में कहा गया है कि जेल में 15 साल गुजार चुके विदेशी नागरिकों को रिहा कर दिया जाना चाहिए। सनाउल्लाह की तरह 12 अन्य कैदियों का विस्तृत विवरण अदालत में पेश किया गया है। इन सभी को जेल से रिहा करने का आग्रह किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि विदेशी नागरिकों के विचाराधीन मुकदमों को छह माह के अंदर निपटाने का निचली अदालत को आदेश दिया जाए।
मानसिक रूप से अस्वस्थ कैदियों को भी छोड़ने का आदेश दिया गया है। अमृतसर जेल में बंद पांच मूक-बधिर कैदियों को उनके देश वापस भेजने के लिए अदालत को आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।