समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में बम रखने के आरोप में गिरफ्तार किए गए राजेंद्र चौधरी हैदराबाद की मक्का मस्जिद पर हुए बम धमाके में भी शामिल हो सकता है।
राजेंद्र की गिरफ्तारी इस मामले को सुलझाने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की मदद कर सकती है। मक्का मस्जिद पर मई, 2007 में हुए बम धमाके में नौ लोग मारे गए थे। एनआईए ने चौधरी (30 वर्ष) को शनिवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा से गिरफ्तार किया था।
सूत्रों ने कहा कि चौधरी उर्फ समुंदर सिंह दक्षिणपंथी कट्टरवादी था। उसने अपनी पहचान पूरी तरह से बदल डाली थी और पिछले तीन सालों से दूसरे नाम से रह रहा था। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
चौधरी पर आरोप है कि वह 18 मई, 2007 को मक्का मस्जिद पर बम रखने में भी शामिल था। यहां पर हुए विस्फोट में नौ लोग मारे गए थे जबकि पांच अन्य लोग पुलिस के साथ हुए संघर्ष में मारे गए। इस ऐतिहासिक मस्जिद पर जुमा की नमाज के दौरान सेल फोन नियंत्रित पाइप बम रखे गए थे।
चौधरी से समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद बम धमाकों में उसकी भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी। एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि दोनों मामलों की जांच से संकेत मिले कि दोनों जगह पर बम रखने वाले एक गुट के थे।