प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी ने भाजपा को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में तगड़ी शिकस्त दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा की अपराजिता सोनकर ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा-अपना दल के साझा उम्मीदवार अमित सोनकर को 13 वोटों से हरा दिया है।
गुरुवार को एडीएम प्रशासन कोर्ट में हुए मतदान में सभी 48 जिला पंचायत सदस्यों ने वोट डाले। इनमें से सपा प्रत्याशी को 30 और भाजपा प्रत्याशी को 17 वोट मिले, जबकि एक वोट अवैध रहा।
सपा प्रत्याशी अपराजिता के जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होते ही सपा समर्थक खुशी से झूम उठे। इससे पहले जीत-हार की जोड़-तोड़ के बीच सर्किट हाउस, जिला मुख्यालय और कलेक्ट्रेट में दिन भर नेताओं का जमावड़ा लगा रहा।
सीट को लेकर दोनों दलों में थी हलचल
डीएम राजमणि यादव ने सुबह 10:55 बजे दोनों प्रत्याशियों सपा की अपराजिता और भाजपा-अपना दल के अमित को मतदान स्थल बुलाया। उनकी मौजूदगी में मतपेटिकाओं को सील कराया गया। इसके बाद सीसीटीवी की निगरानी में 11 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू कराई गई।
पहला वोट सपा की अपराजिता सोनकर ने डाला। इसके बाद अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने वोट डाले। जबरदस्त तलाशी और फोटो मिलान के बाद सदस्यों को मतदान स्थल पर जाने की इजाजत दी गई। सपा-भाजपा के नेता अपने साथ सदस्यों को वोट डालने के लिए कई चक्रों में लेकर आए।
इस बीच, 11:45 बजे प्रेक्षक राजस्व परिषद (न्यायिक) के सदस्य ललित वर्मा मतदान स्थल पहुंचे। 12 बजे प्रेक्षक के जाने के बाद बाहर निकले डीएम ने तब तक महज पांच वोट पड़ने की जानकारी दी। इसके बाद मतदान में तेजी आई और 12:30 बजे तक 26 सदस्य मतदान कर चुके थे। 1:15 बजे निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने वोट डाला। 1:30 बजे तक 45 सदस्यों ने वोट डाले थे। इसी बीच दो और सदस्य वोट डालने आए।
पुलिस प्रशासन के अधिकारी 48 वें नंबर पर आखिरी वोट पड़ने का इंतजार कर रहे थे। तकरीबन दो बजे चकिया की सपा विधायक पूनम सोनकर के पुत्र और काशी विद्यापीठ के जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर पहुंचे और वोट डाले। इसी बीच हल्ला होने लगा कि सपा जीत रही है। सुबह 11 से 3 बजे तक मतदान का समय था। दोनों प्रत्याशियों की मौजूदगी में मतगणना प्रक्रिया शुरू हुई।
10 मिनट बाद मतगणना स्थल से भाजपा प्रत्याशी बगैर कुछ बोले बाहर निकल गए। इसी के साथ सभी लोग समझ गए कि सपा जीत चुकी है। 15 मिनट के बाद अपराजिता सोनकर के जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा रिटर्निंग आफिसर/जिलाधिकारी राजमणि यादव ने की। इसके बाद सपा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
जीत की घोषणा होते ही झूम उठे समर्थक
जीत की घोषणा होते ही सपा समर्थक इस कदर बेकाबू हो गए कि पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारी, पुलिस, मीडिया और बड़े नेताओं को दरकिनार कर अपराजिता सोनकर को बधाई देने पहुंच गए। कोई फूल-माला तो कोई गुलदस्ता देकर अभिवादन कर रहा था। कार्यकर्ताओं को किसी तरह नियंत्रित कर अपराजिता को कलेक्ट्रेट के गेट तक लाया गया। यहां गाड़ी में बैठाकर उन्हें सर्किट हाउस ले आया गया। इस दौरान भी वे कार्यकर्ताओं के घेरे में रही।
तलाशी को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष-पुलिस में कहासुनी
मतदान के दौरान तलाशी को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र रघुवंशी की पुलिस से कहासुनी हो गई। दरअसल महिला जिला पंचायत सदस्यों को सिटी मजिस्ट्रेट के कमरे में तलाशी के लिए भेजा जा रहा था। मतदान स्थल के बजाय सिटी मजिस्ट्रेट के कमरे में सदस्यों को जाते देख भाजपा के जिलाध्यक्ष नागेंद्र रघुवंशी ने आपत्ति की। इसी प्रकार कैंट थाना प्रभारी कलेक्ट्रेट से भीड़ को हटा रहे थे तो फिर भाजपा जिलाध्यक्ष की पुलिस से कहासुनी हुई।
पहला वोट अपराजिता और 48वां वोट अमित सोनकर ने डाला
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर हुए मतदान में पहला वोट सपा की अपराजिता सोनकर ने डाला। 48 वें नंबर पर आखिरी वोट चकिया विधायक पूनम सोनकर के पुत्र काशी विद्यापीठ के जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर ने डाला। इसे लेकर मुख्यालय पर जबरदस्त चर्चा रही। लोगों को भ्रम था कि भाजपा प्रत्याशी ने अंतिम वोट डाला, जबकि उनके नामराशि दूसरे सदस्य ने वोट डाले थे।