यूपीए सरकार और कांग्रेस के साथ संबंधों के बिगड़ने का दौर शुरू होते हुए समाजवादी पार्टी अब कांग्रेस के खिलाफ महासंग्राम छेड़ने की तैयारी में जुट गई है। सपा ने आगामी बजट सत्र में कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल अभियान छेड़ने की रणनीति अख्तियार कर ली है।
पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार की केंद्र सरकार द्वारा उपेक्षा का मसला जोर शोर से उठाएगी। अगले लोकसभा ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली समेत कई कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में वह कांग्रेस को कड़ा मुकाबला देने की फिराक में है। साथ ही राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलने के लिए पार्टी ने कमर कस ली है।
आगामी बजट सत्र में यूपीए सरकार को घेरने के लिए संसद के बजट सत्र से काफी दिन पहले ही अपनी रणनीति को सिरे चढ़ाना शुरू कर दिया है। सपा उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दे को जोर शोर उठाने की तैयारी में है।
पार्टी ने उत्तर प्रदेश की केंद्र सरकार द्वारा गेहूं खरीद, पंजाब का गेहूं उत्तर प्रदेश में भेजना, एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग में सहयोग नहीं देने, प्रदेश को तीन एम्स नहीं देने, बिजली के लिए कोयला आवंटन नहीं करने जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। साथ ही कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सपा केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश में है।
रेल बजट और आम बजट में भी सपा मीनमेख निकालने के लिए तैयारी में बैठी है। सपा महासचिव नरेश अग्रवाल कहते हैं कि अगर आम बजट और रेल बजट में जनता पर करों और किराया वृद्धि का बोझ डाला जाता है, तो सपा आंदोलन छेड़ेगी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। वह अगर युवाओं के लिए इतने चिंतित है तो केंद्र सरकार में यूपी की तरह बेरोजगारी भत्ता क्यों लागू नहीं किया जाता। साथ ही लोकपाल और प्रमोशन में आरक्षण विधेयक के मसले पर सपा केंद्र को घेरेगी तो पार्टी सीबीआई के दुरुपयोग का मसला भी जोरदार ढंग से उठा सकती है।