उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने बाबरी विध्वंस को लेकर कांग्रेस और आरएसएस पर साधा निशाना। उन्होंने सेना पर भी आरोप लगाए। कहा कि जब बाबरी गिराई जा रहा थी, उस वक्त सेना ने भी कार्रवाई नहीं की थी। वहां आर्मी मौजूद थी। आर्मी ने कहा था कि सड़क पर टायर जल रहे थे, इसलिए वे आगे नहीं बढ़ सके।
अपने आवास पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और आरएसएस के बीच डील हुई थी। बाबरी मस्जिद की शहादत के तीन दिन बाद तक चबूतरा बनता रहा।
जब चबूतरा बन गया तब प्रदेश की भाजपा सरकार को बर्खास्त किया गया। ये एक इतिहास है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश था, हाईकोर्ट का स्टे था, एकता परिषद का रेज्यूरेशन था और मुख्यमंत्री का हलफनामा था। इसके बावजूद न सिर्फ बाबरी मस्जिद गिरी, बल्कि वहां चबूतरा भी बना, मंदिर भी बना।