उत्तराखंड की आपदा में राहत कार्य के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश होने से आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट चौबेपुर निवासी नित्यानंद गुप्ता शहीद हो गए।
नित्यानंद गुप्ता (48) गाजियाबाद में तैनात थे। परिजनों ने बताया कि तीन भाइयों और दो बहनों में नित्यानंद सबसे बड़े थे।
वह 1986-87 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में प्लाटून कमांडर के रूप में भर्ती हुए थे। पिता मन्नालाल गुप्ता भी भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं। मां सरोज का देहावसान तीन साल पहले हो चुका है।
नित्यानंद के भाइयों का चौबेपुर में जीटीरोड पर सैनिक ट्रेडर्स के नाम से बीज भंडार है। नित्यानंद का विवाह 1993 में औरैया जिले के ऐरवा कटरा, बिधूना निवासी माधुरी गुप्ता से हुआ था।
नित्यानंद की पत्नी और दो बच्चे साक्षी (20) और मनन (17) गाजियाबाद में हैं। तीन दिन पहले उन्होंने पत्नी से बातचीत की थी।
अमेठी का लाल शहीद
रायबरेली। उत्तराखंड में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में अमेठी का लाल अखिलेश कुमार सिंह शहीद हो गया। अखिलेश वायुसेना में फ्लाइट इंजीनियर के पद पर तैनात था।
अमेठी जिले के डीह थाना क्षेत्र के पूरे नंगू सिंह मजरे के जगदीशपुर गांव में रिटायर्ड शिक्षक विक्रमाजीत सिंह के तीन बेटों और चार बेटियों में अखिलेश तीसरे नंबर का था। वर्ष 1996 में वायुसेना में उसका चयन इंजन फिटर के रूप में हुआ था।
अभी हाल में ही दो महीने की ट्रेनिंग के बाद उसकी पोस्ट फ्लाइट इंजीनियर हो गई थी। वर्तमान में उसकी तैनाती बैरकपुर, कोलकाता में थी। अखिलेश अपनी पत्नी अंजू और एक बेटी तनू (10) और बेटा हर्ष (8) के साथ कोलकाता में ही रहता था।
एक महीने पहले ही वह छुट्टी पर घर आया था और बीती 16 जून को यहां से कोलकाता गया था। उत्तराखंड में आई तबाही के बाद उसकी ड्यूटी बचाव कार्य में लगा दी गई थी।
सुधाकर की शहादत पर पिता को फख्र
मगहर/संतकबीरनगर। उत्तराखंड के गौरीकुंड में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए सुधाकर के पिता महानंद यादव को बेटे की शहादत पर फख्र है।
वे चाहते हैं कि देश के सारे नौजवानों में एक जज्बा पैदा हो कि वह देश के लिए किसी भी कुर्बानी को देने के लिए तत्पर रहें। वहीं, अशरफाबाद गांव में सुधाकर यादव के घर पर बुधवार को मातम का माहौल कायम था।
उधर, लखनऊ में प्रदेश सरकार की ओर से बीस लाख रुपये का चेक बृहस्पतिवार को शहीद की पत्नी मंजू यादव को देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद सुधाकर यादव की पत्नी के लिए 20 लाख रुपये की सहायता देने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
‘पर’ हित में समर्पित हुआ हैवतपुरा का सर्वेश
गुरसरांय (झांसी)। कस्बे से दस किलोमीटर दूर स्थित गांव हैवतपुरा का सर्वेश उत्तराखंड की आपदा में फंसे लोगों को बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान शहीद हो गया। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
सर्वेश के पिता राजाराम जो महोबा के महोबकंठ में हैड कांस्टेबल हैं, बुधवार को अचानक किसी काम से गांव आए हुए थे।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे भाई अरविंद के मोबाइल पर फोन करके अधिकारी ने उसे सर्वेश के शहीद होने की खबर दी तो घर में कोहराम मच गया। देखते ही देखते उसके घर लोगों का तांता लग गया।
सर्वेश की शहादत की खबर मिलते ही जिलाधिकारी तनवीर जफर अली ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के एसपी से बात कर जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बताया कि सर्वेश का शव पहाड़ों पर है, बृहस्पतिवार को वहां से नीचे लाया जाएगा। वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा शव को बृहस्पतिवार की शाम झांसी लाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही शहीद के घर गरौठा के एसडीएम, सीओ, तहसीलदार आदि को भेज दिया गया है।
शहीद सर्वेश कुमार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। गरौठा विधायक के प्रतिनिधि जनक सिंह ने बताया कि विधायक दीपनारायण सिंह को सर्वेश के शहीद होने की जानकारी दे दी गई है। विधायक ने इससे मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है।